फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कदमा मरीन ड्राइव में श्री जगन्नाथ मंदिर निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सब भिन्न नहीं, बल्कि अभिन्न हैं। भगवान जगन्नाथ सबके हैं और उनके समक्ष सभी समान हैं। कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, सभी एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वह लंबे समय से इस भूमि पूजन के उपयुक्त समय की प्रतीक्षा कर रही थीं। आज का समय भगवान की इच्छा से तय हुआ है। उन्होंने कोल्हान क्षेत्र को सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बताते हुए कहा कि यहां सभी समुदाय मिलजुल कर रहते हैं और मंदिर निर्माण उसी समरसता की देन है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। मंदिर बनने से उन्हें भी भगवान जगन्नाथ की परंपरा और आस्था को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। आदिवासी समाज द्वारा पेड़-पौधों की पूजा प्रकृति के सम्मान की शिक्षा देती है। राष्ट्रपति ने कहा कि शारीरिक विकास के साथ मानसिक और आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक है। युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए आध्यात्मिक जागृति जरूरी है। उन्होंने बालिका छात्रावास को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया।

राज्यपाल संतोष गंगवार ने इसे सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि ओडिशा में रहने के दौरान उन्हें भगवान जगन्नाथ की परंपरा को समझने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज एक सामाजिक और आध्यात्मिक केंद्र की नींव रखी गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जमशेदपुर में महाप्रभु का नया मंदिर निर्माण एक नया अध्याय साबित होगा। श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर के मैनेजिंग ट्रस्टी एसके बेहरा ने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती है कि एक साधारण गांव में जन्मी महिला देश के सर्वोच्च पद पर आसीन है।

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