पहला ऐसा वेज समझौता, जिसमें न डंका बजाया गया, न यूनियन नेताओं को मिली फूलों की माला
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में वेज रिवीजन के समझौता पर प्रबंधन और यूनियन ने की दस्तखत
ओल्ड सीरीज के पुराने कर्मचारियों की एमजीबी में साल भर का हो गया खेला, एरियर में नुकसान
न्यू सीरीज के कर्मचारियों की एमजीबी में भी लगा दिया गया बैरियर, एक भी मांग पर हुआ कुछ नहीं
टाटा वर्कर्स यूनियन का जनवरी में चुनाव होगा, सो नवंबर में कर्मचारियों को दिया जाएगा एरियर
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में टाटा स्टील के कर्मचारियों का 24 जून 2026 को वेज रिवीजन का समझौता हो गया. समझौता की मुख्य बातें सामने आई तो नए और पुराने कर्मचारियों के चेहरे लटक गए. ऐसा वेज रिवीजन हुआ जिसमें मोहब्बत मिली ना बिसाले सनम ना इधर के रहे ना उधर के. पिछले कुछ वेज समझौता में ओल्ड ग्रेड के कर्मचारियों के चेहरे खिले रहते थे और न्यू सीरीज के कर्मचारी मुरझाए रहते थे. अबकी बार किसी का चेहरा उतना नहीं खिला. यही वजह है कि वेज समझौता के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय में न डंका बजाया गया और न ही यूनियन नेताओं को फूलों की माला पहनाई गई. यूनियन के शीर्ष नेतृत्व को मिली तो सिर्फ नाराजगी, खास कर कमेटी मेंबरों की.
18 माह का इंतजार, 49 दौर की वार्ता और टाटा स्टील के वेज ढांचे में बदल गया कुछ-कुछ
टाटा स्टील के साढ़े 10 हजार कर्मचारियों का वेज रिवीजन 18 महीने बिलम्ब से हुआ. इस अवधि में टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच 49 दौर की वार्ता हुई. कर्मचारियों को उम्मीद थी कि वार्ता के समुद्र मंथन में अमृत अधिक निकलेगा और विष कम. खैर, वेज समझौता हो गया. अच्छा यही हुआ कि डीए की पूरी राशि का बेसिक में मर्जर किया गया. हालांकि, एनएस के डीए की प्रति प्वाइंट वैल्यू 3 रुपए ही रहेगी. कोई वृद्धि नहीं की गई है. फिक्स्ड डीए में 500 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है. सालाना इंक्रीमेंट को 340 रुपए बढ़ाया गया है. हां, एमजीबी की व्यवस्था में नया पेंच डाल दिया गया है. अगर यूनियन नेतृत्व की बातों पर यकीन करे तो नए समझौते में ओल्ड ग्रेड के पुराने कर्मचारियों के वेतनमान में अधिकतम 30,793 रुपये की बढ़ोत्तरी होगी. एनएस ग्रेड के नए कर्मचारियों के वेतनमान में अधिकतम 18,747 रुपये की प्रति माह तक बढ़ोतरी होगी.
बढ़े वेतन का लाभ अगले महीने से नहीं, अपितु अगस्त से मिलेगा. जनवरी 2025 से लंबित एरियर का भुगतान भी चार महीने बाद नवंबर में एकमुश्त किया जाएगा. उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में हुए त्रिपक्षीय वेज समझौता पर कंपनी प्रबंधन से टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन, चीफ पीपुल अफसर अत्रेयी सान्याल, सीएचआरओ जुबीन पालिया और मजदूरों की तरफ से टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह और महामंत्री सतीश सिंह ने हस्ताक्षर किए.
नए वेतनमान का यह समझौता 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगा. वेज समझौता होने के बाद परंपरा के तहत माइकल जॉन ऑडिटोरियम में कमेटी मीटिंग नहीं हुई बल्कि सभी कमेटी मेंबरों को एसएनटीआई सभागार में बुलाया गया. वेज समझौता के बारे में बताया गया. यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी बोले कि 49 दौर की वार्ता के बाद बिना कोई सुविधा छोड़े यूनियन ने बेहतर वेतन समझौता किया है. भविष्य में कर्मचारियों को इसका लाभ देखने को मिलेगा. कमेटी मीटिंग में पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय, कमेटी मेंबर संतोष पांडेय समेत और लोगों ने कड़े तेवर दिखाए. यूनियन नेतृत्व की खूब लानत मलानत की. कमेटी मीटिंग को बीच में छोड़ कई कमेटी मेंबर बाहर निकल गए.
ओल्ड हो या न्यू ग्रेड के कर्मचारी, एमजीबी के मामले में हुआ उलटफेर, बदली एरियर की गणना
नए वेतनमान समझौता में ओल्ड और न्यू ग्रेड के कर्मचारियों के एमजीबी की गणना का ढर्रा ही बिल्कुल बदल गया है. वेज समझौता में हुए विलंब की कीमत कर्मचारियों को चुकानी पड़ेगी. एमजीबी को इस कदर दो भाग में विभाजित किया गया है कि उसका सीधा असर एरियर की राशि की गणना पर पड़ेगा.
समझौते के तहत न्यू सीरीज कर्मचारियों को दो चरणों में मिनिमम गारंटेड बेनिफिट (एमजीबी) दिया जाएगा. पहले चरण में 15 माह के लिए अधिकतम 7,200 तथा दूसरे चरण में तीन माह के और 2,100 रुपए जोड़ कर एमजीबी दिया जाएगा. एमजीबी की अधिकतम राशि 9,300 रुपए होगी. एनएस के जिन कर्मचारियों का बेसिक 28 हजार से अधिक है, उनके लिए 9,300 रुपए की अधिकतम सीलिंग लगा दी गई है. ओल्ड सीरीज कर्मचारियों के एमजीबी को भी दो समयावधि में विभक्त कर जोड़ा गया है. एक जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 5 फीसद एमजीबी मिलेगा. उसके बाद तीन महीने में 5 प्रतिशत और जोड़ा जोड़ कर 10 फीसद किया जाएगा. ओल्ड कर्मचारियों को एमजीबी में अधिकतम 12,535 रुपए मिलेंगे.
यूनियन का दावा है कि ओल्ड सीरीज ब्लाक-फोर कर्मचारियों के वेतन में 30,793 रुपए तक वृद्धि होगी. इसमें एमजीबी, भतथा, हाउस रेंट और कंटीजेंसी शामिल है, जो कर्मचारी कंपनी का क्वार्टर लेंगे, उन्हें हाउस रेंट का लाभ नहीं मिलेगा. यूनियन नेतृत्व की मानें तो एमजीबी 15,588 रुपए, भत्ता में वृद्धि 3,000, हाउस रेंट 5,346 और कंटीजेंसी में 6,859 रुपए की बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा. यूनियन नेतृत्व की मानें तो न्यू सीरीज के ब्लॉक चार के कर्मचारियों को एमजीबी में अधिकतम 9,300, फिक्स्ड डीए में 500, एनपीएस समेत और भत्ता में 3,225, हाउस रेंट में 930 और कंटीजेंसी में 4,312 रुपए की बढ़ोत्तरी का फायदा होगा. कंपनी में पहली बार एनपीएस की शुरुआत हुई है. नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत कंपनी प्रत्येक कर्मचारी के खाता में 1,000 रुपए का योगदान देगी. न्यू सीरीज के कर्मचारी चाहें तो इस राशि को अपने बेसिक वेतन में भी शामिल करा सकते हैं.
एलाउंस में यह वृद्धि
वाहन रखरखाव भत्ता : 75 से बढ़ाकर 80 रूपए
यूटिलिटी भत्ता : 550 से बढ़ाकर 800 रुपए
नाइट शिफ्ट भत्ता : 160 की जगह 225 रुपए
शिक्षा भत्ता : 600 से बढ़ा कर 1000 रुपए
मोबाइल व इंटरनेट भत्ता: 300 की जगह 400 रुपए
पर्सनल अलाउंस : 500 से बढ़ा कर 725 रुपए

