आरपीएफ सीआईबी विंग ने की कार्रवाई, इस्पात ट्रेन से पहुंचे उतरे थे टाटानगर, बेगूसराय जाना था गांजा


फतेह लाइव, रिपोर्टर।
अब नशे के कारोबारी ट्रेनों से समगलिंग करने लगे हैं. उनका मानना है कि ट्रेन परिचालन में धंधा महफूज होता है. लेकिन उनका यह मानना बिल्कुल गलत है, क्यूंकि ट्रेनों में भी अब कड़ी नजर बनी हुई है. जहां बुधवार को टाटानगर आरपीएफ सीआईबी के डीआई शैलेश चंद्रा मजबूत स्त्रोत के आगे एक बार फिर नशे के कारोबारियों को झटका लगा. जब एक देवर भाभी को 20 किलो गांजा के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया गया. बरामद गांजा का मूल्य दो लाख रूपये आंका गया है. यह माल तीन बैग में पैक था. प्लेटफॉर्म नंबर चार पर उतरे एक युवक व महिला को संदेह के आधार पर पूछताछ की गई, तो वह टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि वह ओड़िशा से गांजा लेकर आ रहे हैं और बिहार बेगूसराय में जाकर इसकी बिक्री करते हैं.
गिरफ्तार लोगों में नगीना कुमारी और आनंद कुमार हैं. दोनों रिश्ते में देवर भाभी हैं. दोनों को टाटानगर जीआरपी को सुपुर्द कर दिया गया, जहां उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए गुरुवार को जेल भेज दिया गया. इस कार्रवाई में सीआईबी के ए रहमान और दल बेहरा की मुख्य भूमिका रही. मालूम हो कि 15 दिनों पूर्व भी तीन लाख मूल्य का 31 किलो गांजा इसी तरह से ट्रेन के टाटानगर पहुंचने पर जब्त किया गया था. अब देखने वाली बात यह होगी कि रेल पुलिस इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों की तह तक कब पहुंचती है और गिरफ्त में आये लोगों को सजा दिलाने में कितनी कामयाब होती है.