फतेह लाइव, रिपोर्टर।
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) सिंदरी ने उत्पादन और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर HURL की ओर से जारी संदेश में कंपनी की उत्पादन क्षमता, ऊर्जा दक्षता और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी साझा की गई।
कंपनी के अनुसार, संयंत्र में उत्पादन शुरू होने के बाद अब तक 41 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन किया जा चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष में 4.99 Gcal प्रति टन यूरिया की ऊर्जा दक्षता के साथ 13.82 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का 109 प्रतिशत रहा। HURL सिंदरी ने देश के एकल-धारा यूरिया उर्वरक संयंत्रों में दूसरा स्थान भी हासिल किया है।
CSR के तहत शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
HURL सिंदरी की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत स्थानीय क्षेत्र में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के सहयोग से मदर टेरेसा स्कूल में कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी क्रम में इस वर्ष CIPET, रांची में 108 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सिंदरी बस्ती में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी जारी है।
कंपनी के अनुसार, क्षेत्र के 10 सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना के विकास का कार्य किया जा रहा है। इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं और विज्ञान प्रयोगशालाओं की व्यवस्था की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।
कम जलस्तर के बावजूद जारी रही जलापूर्ति
जून माह में बारिश नहीं होने के कारण दामोदर नदी का जलस्तर काफी कम हो जाने के बावजूद HURL की टीम ने विशेष जल-मार्ग का निर्माण कर पानी को पंप हाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था की। कंपनी के अनुसार, इससे संयंत्र की जल आवश्यकता पूरी करने के साथ सिंदरी क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति बनाए रखने में भी सफलता मिली।
दिव्यांगजनों को वितरित किए सहायक उपकरण
हाल ही में HURL स्पंदन क्लब में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के सहयोग से दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। कंपनी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन को सुगम बनाने में सहयोग करना है।
HURL की ओर से कहा गया कि कंपनी की ये उपलब्धियां कर्मचारियों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयास का परिणाम हैं। कंपनी ने भविष्य में भी इसी भावना के साथ कार्य करते हुए भारत को यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।









































