संपत्ति विवाद में डबल मर्डर का है आरोप; मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह अम्बे और उसकी पत्नी पहले ही जेल में, तरसेम सिंह और भतीजा हरजोत अब भी फरार
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
पंजाब के गुरदासपुर जिले के थाना काहनूवान क्षेत्र अंतर्गत गांव नैणेकोट में 12 मई को हुए सनसनीखेज भाई-भाभी हत्याकांड में फरार आरोपियों की तलाश तेज हो गई है। इस मामले में नामजद आरोपी एवं जमशेदपुर के टिनप्लेट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान रहे तरसेम सिंह सेमे तथा उनके भतीजे हरजोत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस जमशेदपुर पहुंचकर लगातार छापेमारी कर रही है।
पंजाब पुलिस की टीम स्थानीय सिदगोड़ा थाना पुलिस के सहयोग से तरसेम सिंह के सुखिया रोड, 10 नंबर बस्ती स्थित आवास नंबर-4, आकाशदीप प्लाजा के पीछे विजयनगर स्थित मेडिकल दुकान और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस को दोनों फरार आरोपियों की तलाश है। गुरदासपुर जिला के काहनूवान थाना के एएसआई निर्मल सिंह की अगुवाई में टीम शहर पहुंची है।
भाई और भाभी की गोली मारकर हुई थी हत्या
मामला 12 मई 2026 का है। पंजाब के गुरदासपुर जिले के काहनूवान थाना क्षेत्र स्थित गांव नैणेकोट में संपत्ति विवाद को लेकर अजायब सिंह और उनकी पत्नी कमल कौर की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड की घटना उस समय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी थी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार के तीन भाइयों के बीच पैतृक जमीन और संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के खूनी अंजाम तक पहुंचने की बात सामने आई थी। मामले में चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है—तरसेम सिंह, अमरजीत सिंह उर्फ अम्बे, हरजोत सिंह और मनप्रीत कौर।
घटना के बाद पंजाब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। बताया जा रहा है कि यह मामला काहनूवान थाना कांड संख्या 60/2026 के तहत दर्ज है।
अमरजीत सिंह अम्बे और पत्नी पहले से पुलिस कार्रवाई की जद में
इस हत्याकांड में नामजद आरोपी जमशेदपुर के कुख्यात अमरजीत सिंह उर्फ अम्बे को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उनकी पत्नी मनप्रीत कौर को भी मामले में गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार, मनप्रीत कौर की जमानत याचिका को अदालत से राहत नहीं मिली है।
वहीं, पुलिस की नजर अब फरार चल रहे तरसेम सिंह और अमरजीत सिंह के पुत्र हरजोत सिंह पर है। दोनों 12 मई की घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़े भाई हैं तरसेम, संपत्ति विवाद में हत्या की साजिश का आरोप
जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय भजन सिंह के पुत्रों में तरसेम सिंह सबसे बड़े भाई हैं। पुलिस जांच में यह आरोप सामने आया है कि संपत्ति विवाद के कारण परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी विवाद के बीच छोटे भाई अजायब सिंह और उनकी पत्नी कमल कौर की हत्या कर दी गई।
पंजाब पुलिस इस पूरे मामले में चारों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंजाब और झारखंड में लगातार कार्रवाई जारी है।
टिनप्लेट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं तरसेम सिंह सेमे
तरसेम सिंह जमशेदपुर के टिनप्लेट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। उनका निवास सुखिया रोड, 10 नंबर बस्ती क्षेत्र में है। पुलिस द्वारा उनके घर के अलावा मेडिकल दुकान और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है।
बताया जाता है कि तरसेम सिंह के खिलाफ जमशेदपुर में पूर्व से भी कई आपराधिक मामले दर्ज अथवा लंबित रहे हैं। हालांकि, पंजाब के इस डबल मर्डर केस में उनकी भूमिका और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं पुलिस जांच के आधार पर होगी।
पंजाब पुलिस और सिदगोड़ा थाना की संयुक्त कार्रवाई जारी
सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस की टीम पिछले 24 घंटे से जमशेदपुर में सक्रिय है और स्थानीय सिदगोड़ा थाना पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी शहर अथवा आसपास के क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं।
पंजाब पुलिस फरार तरसेम सिंह और हरजोत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दे रही है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही 12 मई को पंजाब के गुरदासपुर में हुए इस चर्चित डबल मर्डर केस की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।


































