तुलसी भवन में आयोजित समारोह में साहित्यकारों ने लेखिका के सृजनात्मक प्रयास और उत्कृष्ट भाषा की सराहना की
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन एवं तुलसी भवन के संयुक्त तत्वावधान में नगर की साहित्यकार एवं साहित्य समिति, तुलसी भवन की सदस्य रीना सिन्हा सलोनी के हिन्दी संस्मरण संग्रह ‘जुगनू खुशबू या तारे’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। तुलसी भवन के मानस सभागार में आयोजित समारोह में साहित्यकारों एवं प्रबुद्धजनों ने पुस्तक की विषयवस्तु, भाषा और लेखिका के सृजनात्मक प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका ने की, जबकि संचालन साहित्य समिति के सूरज सिंह राजपूत ने किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैमूर (बिहार) से पधारे डॉ. इन्द्र नारायण सिंह उर्फ आसिफ रोहतासवी, अवकाशप्राप्त प्रोफेसर एवं पटना साइंस कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष, तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अंगद तिवारी, प्रतिकुलपति, अरका जैन विश्वविद्यालय, जमशेदपुर मंचासीन रहे।
दीप प्रज्वलन एवं उपासना सिन्हा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। स्वागत वक्तव्य तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजित तिवारी ने दिया।
जीवन और समाज से जुड़ी अनुभूतियों का संग्रह
लोकार्पित पुस्तक पर पाठकीय प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिव्येन्दु त्रिपाठी ने कहा कि रीना सिन्हा सलोनी कथेतर विधा में सृजन करने का सराहनीय प्रयास कर रही हैं। संकलन में शामिल रचनाएं पठनीय हैं, जो व्यक्ति और समाज के प्रति लेखिका की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. आसिफ रोहतासवी ने कहा कि संग्रह के सभी संस्मरण जीवन और जगत से जुड़ी अनुभूतियों को समेटे हुए हैं। रचनाएं छोटी-छोटी होने के बावजूद प्रभावशाली हैं। इन्हें पढ़ने के बाद पाठकों के मन में जीवन और जगत के विभिन्न पहलुओं को और जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अंगद तिवारी ने लेखिका के प्रयास को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि पुस्तक में उत्कृष्ट भाषा का प्रयोग किया गया है।
लेखिका का परिचय और काव्यात्मक प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान डॉ. वीणा पाण्डेय भारती ने लेखिका का परिचय प्रस्तुत किया। इसके पश्चात डॉ. यमुना तिवारी व्यथित ने लेखिका का काव्यात्मक परिचय प्रस्तुत कर समारोह को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में साहित्य समिति की माधवी उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
साहित्यकारों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
समारोह में साहित्य समिति के सचिव डॉ. अजय कुमार ओझा, डॉ. रागिनी भूषण, दिव्येन्दु त्रिपाठी, हरिहर राय चौहान, शिव नंदन सिंह, डॉ. उदय प्रताप हयात, लक्ष्मी सिंह रुबी, आलोक मंजरी, प्रणति शरण, माधवी उपाध्याय, सुदीप्ता जेठी राउत, प्रदीप मिश्र, आरती श्रीवास्तव, पद्मा प्रसाद, अरुणा झा, नीलाम्बर चौधरी, सुस्मिता मिश्रा, नीलिमा पांडे, उपासना सिन्हा, डॉ. अरुण कुमार शर्मा, मनीष सिंह वंदन, वीणा कुमारी नंदिनी, शकुन्तला पाठक, मनोकामना सिंह अजय, डॉ. अनिता निधि, वरुण प्रभात, राजेन्द्र राज, डॉ. यमुना तिवारी व्यथित, राजेंद्र साह राज, बलविंदर सिंह, राजेन्द्र सिंह, हरभजन सिंह रहबर, मंजु कुमारी, रीती झा, सुजय कुमार, मिथिलेश चौबे, डॉ. संध्या सिन्हा, प्रतिभा प्रसाद कुमकम एवं डॉ. राकेश पाण्डेय सहित नगर के अनेक प्रबुद्ध साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।


































