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Jamshedpur : कृतिवास मंडल ने आरटीआई से किया खुलासा, टीएमएच में 30 दिन में 31 बच्चों की हुई मौत

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  • राज्य सरकार पर जांच व कार्रवाई में खानापूर्ति का आरोप, केंद्रीय स्तर पर उच्चस्तरीय जांच की मांग

फतेह लाइव, रिपोर्टर

आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केंद्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव कृतिवास मंडल ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी पूर्वी सिंहभूम से प्राप्त सूचना के आधार पर बड़ा खुलासा किया है. जानकारी के मुताबिक, टाटा मेमोरियल अस्पताल (टीएमएच) में अगस्त और सितंबर 2023 के बीच 30 दिनों के दौरान 31 बच्चों की मृत्यु हो गई. यह खुलासा एक जांच टीम के माध्यम से हुआ, जिसमें डॉक्टर जोगेश्वर प्रसाद और डॉक्टर रंजित कुमार पांडा शामिल थे. जांच के दौरान अस्पताल के अभिलेखों से पता चला कि इन बच्चों को विभिन्न गंभीर बीमारियों के कारण टीएमएच में भर्ती किया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अधिकांश बच्चों का इलाज सफलतापूर्वक हुआ था और केवल 31 बच्चों की मृत्यु हुई.

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टीएमएच में भर्ती बच्चों का इलाज और मृत्यु दर पर अस्पताल की रिपोर्ट

टीएमएच में 2023 के अगस्त और सितंबर माह के दौरान लगभग 2000 बच्चों का इलाज हुआ, जो सामान्यतः अन्य महीनों की तुलना में दोगुना था. जांच टीम को अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया कि कई बच्चे गंभीर स्थिति में भर्ती हुए थे, जिन्हें बचाना संभव नहीं हो सका. रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में अस्पताल में 1005 बच्चों को भर्ती किया गया, जिनमें से 974 बच्चों का सफल इलाज किया गया, जबकि 31 बच्चों की मृत्यु हुई. मरने वाले बच्चों की मृत्यु के कारणों में डेंगू, मल्टी ऑर्गन फेल्योर, सेप्टिक शॉक, निमोनिया, डिप्थीरिया और मलेरिया शामिल थे.

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मृत्यु दर पर अस्पताल प्रशासन का स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट का विवरण

कृतिवास मंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने केवल खानापूर्ति करते हुए जांच और कार्रवाई का हवाला दिया है, जबकि यह मामला गंभीर है और इसके लिए उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है. उन्होंने केंद्रीय सरकार से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है. मंडल ने यह भी कहा कि 31 बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार द्वारा केवल रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. इस मुद्दे को लेकर उन्होंने केंद्रीय स्तर पर जांच की आवश्यकता जताई है, ताकि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके.

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कृतिवास मंडल ने राज्य सरकार पर लगाए जांच में ढिलाई के आरोप

मृत बच्चों की सूची के अनुसार, उनमें से कुछ के नाम और आयु विवरण इस प्रकार हैं: रणवीर कुंभकार (9 वर्ष), आयमन परवीन (11 दिन), लक्ष्मी अग्रवाल (18 दिन), स्वीटी कुमारी (1 दिन), किरन कुमारी (16 दिन), आराधना महतो (7 साल 8 महीने), तनीषा मुखी (7 साल), और कई अन्य बच्चों की मृत्यु विभिन्न गंभीर बीमारियों के कारण हुई. कृतिवास मंडल ने बताया कि इस मामले में बच्चों के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

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