इंडस्ट्री और एकेडमिक गैप को कम करने को मिलेगा नया आयाम
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
एक्सएलआरआइ – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर और वैश्विक प्रोफेशनल सेवाओं की अग्रणी कंपनी एक्सेंचर के बीच एक एमओयू किया गया. यह महत्वपूर्ण करार एक्सेंचर प्रतिनिधियों के एक्सएलआरआई परिसर दौरे के दौरान संपन्न हुआ, जो दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ता है.
दोनों के बीच दीर्घकालिक औद्योगिक- शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से इस एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. इस समारोह में एक्सएलआरआइ की ओर से निदेशक फादर एस. जॉर्ज, प्लेसमेंट एवं वित्त के प्रोफेसर प्रो. कनगराज ए, डीन एकेडमिक प्रो. संजय पात्रो प्रो. सुनील सारंगी, तथा अन्य सीनियर फैकल्टी उपस्थित थे. वहीं एक्सेंचर की ओर से सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीएचआरओ लक्ष्मी चन्द्रशेखरन और स्ट्रैटेजी एंड कंसल्टिंग ग्लोबल नेटवर्क के इंडिया लीड सुरेश नंदुरु प्रमुख रूप से मौजूद थे. इस साझेदारी की पहल प्रो. कनगराज ए. के नेतृत्व में की गई, जबकि इसके समन्वय और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एक्सएलआरआइ के वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड-प्लेसमेंट रजनी रंजन ने निभाई. बताया गया कि इस एमओयू का उद्देश्य शिक्षाविदों और उद्योग के बीच गहन समन्वय स्थापित करना है, जो निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में कार्यान्वयन किया जाएगा:
छात्रों के लिए इंटर्नशिप, समर प्लेसमेंट, लाइव प्रोजेक्ट्स और पीपीओ जैसे करियर अवसर
संयुक्त शोध, केस स्टडी विकास, और ज्ञान साझाकरण
अतिथि व्याख्यान, वर्कशॉप्स और फैकल्टी सहभागिता
कार्यकारी शिक्षा, नेतृत्व विकास एवं विशेष कार्यक्रम
सीएक्सओ टॉक्स, कॉन्क्लेव्स और राउंडटेबल के माध्यम से थॉट लीडरशिप
नवाचार और सतत विकास से जुड़े संयुक्त प्रयास
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद टाटा ऑडिटोरियम में एक विशेष लीडरशिप टॉक का आयोजन किया गया, जिसमें बीएम, एचआरएम , जीएपी प्रोग्राम के 1,000 से अधिक छात्र, फैकल्टी एवं स्टाफ़ ने हिस्सा लिया. इस दौरान लक्ष्मी चंद्रशेखरन और श्री सुरेश नंदुरु ने “लीडरशिप इन ए डायनामिक एंड एआई-ड्रिवन वर्ल्ड” विषय पर अपनी बातों को प्रस्तुत किया जिसमें आधुनिक नेतृत्व की व्यावहारिक चुनौतियाँ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यापार और मानव संसाधन रणनीतियों पर प्रभाव, कंसल्टिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की भावी प्रवृत्तियाँ, करियर यात्रा, नेतृत्व मूल्यों और उद्देश्य-निर्देशित विकास की भूमिका पर अपनी बातों से सभी को अवगत कराया. यह संवाद छात्रों के लिए उद्योग की अपेक्षाओं और नेतृत्व के व्यावहारिक आयामों को समझने का एक अवसर बना.
















