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Mining department’s action ineffective : बालीगुमा में दीपक कुमार के अलावा बालू माफिया अखिलेश सिंह और उत्तम गोराई के यहां हुई थी खनन विभाग की रेड

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अवैध भंडारण पर लगाम लगाना जिला प्रशासन के लिए बनी चुनौती, शाम को उलीडीह से फिर पकड़ाया बालू लदा 407 वाहन, रात के अंधेरे में हो गया गायब

पूर्व में भी दीपक कुमार की फैक्ट्री में हो चुकी है छापामारी, सेटिंग-गेटिंग में माहिर, कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहे हौंसले

मानगो में वार्ड नंबर 5 से बन गया प्रत्याशी, नगर निगम के कार्यों में भी विवादित रहे हैं उम्मीदवार

चरणजीत सिंह.

जिला प्रशासन चाहे लाख कोशिश कर ले, लेकिन बालू माफियाओं पर लगाम लगाना उनके लिए चुनौती बना हुआ है. बालू उठाव पर रोक के बावजूद रात के अंधेरे में स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध कार्य धड़ल्ले से चल रहा है. ऐसा नहीं कि पुलिस-प्रशासन के वरीय अधिकारी इससे अंजान हैं, लेकिन सेटिंग गेटिंग के खेल में अवैध कार्य खूब फल फुल रहा है.

दीपक की फैक्ट्री

हम बात करते हैं शनिवार की. जब एसडीओ अर्नव मिश्रा की देखरेख में जिला खनन विभाग की टीम ने एमजीएम थाना इलाके के बालीगुमा स्थित गौड़गोड़ा बस्ती में छापामारी की और बालू और स्टोन चिप्स (गिट्‌टी) का अवैध भंडारण जब्त किया. इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए थाना में हिल व्यू कॉलोनी निवासी दीपक कुमार समेत दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. दीपक कुमार की यहां पेवर्स ब्लॉक बनाने की फैक्ट्री भी है, जहां बालू और गिट्‌टी का भंडारण किया जाता है. प्रशासन की टीम ने उक्त भंडारण को जब्त करते हुए स्थानीय शांतिनगर निवासी बिरेंद्र कुमार सिंह की देखरेख में छोड़ दिया था.

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बालू माफिया अखिलेश सिंह, जिसके यहां हुई थी रेड

सूत्र बताते हैं कि शनिवार की कार्रवाई में दीपक कुमार के अलावा उसी स्थान पर पास में ही डिमना रोड कुंवर सिंह बस्ती टैंक रोड में अखिलेश सिंह और शंकोसाई रोड नंबर एक, नियर हरिमंदिर निवासी उत्तम गोराई के अवैध बालू भंडारण स्थल पर भी छापा मारा गया था. ये भी बालू के माफिया कहे जाते हैं. प्रशासन के मुताबिक इन जगहों से 7500 सीएफटी बालू और 800 सीएफटी जब्त की, जबकि सूत्र बताते हैं कि यहां 40 हाईवा बालू का अवैध भंडारण था. खैर, यह तो जांच का विषय है?

बालू माफिया उत्तम गोराई

इधर, दीपक कुमार की अगर बात करें तो वह वर्तमान में वार्ड नंबर पांच से चुनाव लड़ रहे हैं. दीपक कुमार पूर्व में भी ऐसे मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं. पूर्व में एसडीओ रहते हुए पारुल सिंह भी उनकी फैक्ट्री में छापामारी कर चुकी है. इसके अलावा भी करीब आधा दर्जन बार दीपक कुमार के यहां कार्रवाई हुई. उक्त भंडारण स्थल को सील भी किया गया, लेकिन बार-बार वहां से बालू और गिट्‌टी के अवैध भंडारण का कार्य धड़ल्ले से लगातार किया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि स्थानीय थाना पुलिस की भी इसमें मिलीभगत है. शनिवार की कार्रवाई में यहां बहुत बड़ी खेला होने की चर्चा जोरों पर चल रही है.

रात के अंधेरे में भंडारण स्थल से चल रहा अवैध खेल

सूत्र बताते हैं कि जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी पूर्व की तरह रात के अंधेरे में सेटिंग गेटिंग से बालू व गिट्‌टी को बेचा जा रहा है. सोमवार देर शाम बालीगुमा से बालू लदे 407 वाहन को खनन विभाग की टीम ने जब्त किया. इस 407 वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी सही तरीके से नहीं लिखा गया है. सूत्र बताते हैं कि यह दीपक कुमार की फैक्ट्री से ही वाहन निकला था, जिसके बाद उसके प्रतिद्वंद्वियों ने इसकी शिकायत कर दी.

यही है 407 वाहन, जिसे बालीगमा से निकलते हुए डिमना चौक बुधवा चौक से जब्त किया गया था, जो रात को ट्रांसपोर्ट नगर से गायब हो गया

उस 407 को उलीडीह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद उसे ट्रांसपोर्ट नगर में खड़ा करवा दिया गया. नियम कहते हैं कि ऐसे मामले में जब्त बालू की निलामी होनी चाहिए, जिससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो, लेकिन यहां बालू-गिट्‌टी के अवैध खेल में प्रशासन की कार्रवाई महज खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाती है. पुलिस के अनुसंधान पर सब कुछ राम भरोसे छोड़ दिया जाता है, जैसा कि शनिवार के मामले में हुआ. दो अन्य बालू माफियाओं का नाम 48 घंटे बाद भी सामने नहीं आाया. सूत्र बताते हैं कि इस मामले में स्थानीय थाना में लेनदेन की जमकर बेमौसम बारिश हुई है. खैर, सोमवार को जो बालू लदा वाहन ट्रांसपोर्ट नगर में रखा गया था, वह रात के अंधेरे में वहां से गायब हो गया है, जिसके बाद इलाके के लोगों में खनन विभाग और पुलिस पर उँगलियाँ उठाई जा रही है. यह भी जांच का विषय है. सूत्र बताते हैं कि इस खेल में भी धन शक्ति का इस्तेमाल हुआ है.

क्या कहते हैं खनन विभाग के जिम्मेदार

खनन निरीक्षक अरविंद उरांव से इस संबंध में फतेह लाइव ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया के लिए 50 हजार सीएफटी बालू का जब्त होना जरुरी है. उन्होंने स्वीकार किया कि तीन जगह रेड हुई थी. भंडारण स्थल के दो मालिकों का नाम पता नहीं चला था. पुलिस अनुसंधान में उनका नाम सामने आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि खनन विभाग अपना काम कर रहा है. जहां भी अवैध भंडारण की सूचना मिलती है वहां कार्रवाई की जाती है. सीतारामडेरा के पटेलनगर में भी सोमवार को दो 407 बालू लदे (सौ सीएफटी) वाहनों को जब्त किया गया है. चालक फरार हो गये हैं और थाना में मामला दर्ज करवाया गया है.

नगर निगम में पेवर ब्लॉक की सप्लाई करता है दीपक, विवादों से रहा है नाता

नगर निगम क्षेत्र में घटिया स्तर के पेवर ब्लॉक लगाने के विवादों में भी दीपक का गहरा नाता रहा रहा है. 2024 के अंत में फतेह लाइव ने बिना सड़क बनाये 1.33 करो़ड़ रुपये की निकासी होने संबंधित खबर प्रकाशित की थी. उस समय भी दीपक कुमार का नाम विवादों में आाया था. क्षेत्र में पेवर ब्लॉक सड़क निर्माण के कई मामले हैं जहां पेवर गल गए थे.

फाइल फोटो

तत्कालीन डीसी अनन्य मित्तल ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके बाद उस मामले में जेई अभय नारायाण सिंह लगभग एक साल के लंबे समय से निलंबित चल रहे हैं. वहीं, ठेकेदार आशुतोष पांडे को वरीय अधिकारी बचाने में सफल रहे थे. सूत्र बताते हैं कि उस मामले में अपनी अर्नेस्ट व सिक्यूरिटी मनी को (लगभग 32 लाख) को निकलवाने के लिए अधिकारियों के आगे पीछे कर रहे हैं और सफल भी होने वाले हैं, जबकि उक्त सड़क को देखने के लिए जनता की आंखे आज भी तरस रही है, जबकि दीपक ने उस वक्त ठेकेदार से मिलकर सभी अधूरी सड़कों को बनाने का प्रयास किया था, लेकिन डीसी की नजर के कारण वह सफल नहीं हो सका.

इसी रोड का बिना निर्माण किये निकासी हो गई थी राशि

इधर, नगर निगम में अधिकारियों से मिलकर सरकार को चूना लगाने वाला ठेकेदार आशुतोष पांडे अब जेएनएसी में भी शहर की हृदय स्थली में करोड़ों का काम ले चुका है. आशुतोष पांडे पर अगर उस वक्त कार्रवाई होती तो शायद दोबारा उसे इतना बड़ा काम नहीं मिल पाता, लेकिन खैर, ये तो पब्लिक है सब जानती है.

सस्पेंड जेई अभय नारायण सिंह
ठेकेदार आशुतोष पांडे
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