फतेह लाइव, रिपोर्टर
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पोटका के हरिना स्थित मागाड़ बुरु ढिशुम जाहेर स्थान पर आयोजित 44वें दिशुवा हादी बोंगा पर्व में भाग लिया. उन्होंने सबसे पहले पूजा अर्चना की और राज्य व देश की खुशहाली की कामना की. इस अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस पर्व को धूमधाम से मनाया. अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ है, क्योंकि हमारा अस्तित्व सभी पेड़-पौधों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है. यह पर्व हमें प्रकृति के रंगों में रंग कर सराबोर होने का अवसर देता है.
इसे भी पढ़ें : Bokaro : जल की उत्पन्न समस्या से नाराज़ ग्रामीणों ने बालू तस्करों को नदी से खदेड़ा
प्राकृतिक परंपरा की प्रतीक सरहुल पर्व में अर्जुन मुंडा का विशेष योगदान
इस मौके पर अवित्र सरदार, मनोज सरदार, सविता सरदार, सुबोध सिंह सरदार, देवी कुमारी भूमिज, सिमति सरदार, चितरंजन सरदार, सुरजीत कुंडू, कृष्णा नंदी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. उन्होंने इस पर्व के महत्व को बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है. इस आयोजन ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया.