फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नो) द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इग्नो क्षेत्रीय केंद्र, रांची से पधारे एडिशनल डायरेक्टर डॉ. मोतीराम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आयोजन जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के शिक्षार्थी केंद्र की समन्वयक (को-ऑर्डिनेटर) डॉ. त्रिपुरा झा के समन्वयन में किया गया। इस अवसर पर डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के अध्यक्ष डॉ. बी. चंद्रशेखर, सचिव प्रिया धर्मराजन, सह सचिव सुधा दिलीप, प्रसाशनिक सचिव सतीश सिंह उपस्थित रहे। साथ ही कॉलेज की उप प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अपने संबोधन में डॉ. मोतीराम ने इग्नो विश्वविद्यालय की स्थापना, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इग्नो विश्व का सबसे बड़ा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय है, जो उन शिक्षार्थियों तक शिक्षा पहुँचाता है जो किसी कारणवश नियमित शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों एवं कार्यरत शिक्षकों के लिए उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी तथा बताया कि किस प्रकार कोई भी व्यक्ति नौकरी करते हुए या आर्थिक सीमाओं के बावजूद इग्नो के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड के माध्यम से इग्नो किसी भी उम्र के शिक्षार्थी को शिक्षा, उन्नति और पदोन्नति के अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान इग्नो में पहले से पीजी कार्यक्रमों में नामांकित छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और इग्नो की लचीली, सुलभ एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रणाली की सराहना की। इस कार्यक्रम में बी.एड के सभी छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने कार्यक्रम को गंभीरता, रुचि और प्रतिबद्धता के साथ सुना।

कार्यक्रम के अंत में उप प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए इग्नो के प्रतिनिधियों, महाविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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