फतेह लाइव, रिपोर्टर।
भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश के आवाहन पर 3 नवम्बर 2023 दिन शुक्रवार को जाकिर हुसैन पार्क, राजभवन के सामने राँची में होने वाले धरना प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा करते हुए एक प्रेस वार्त्ता भारतीय मजदूर संघ, पूर्वी सिंहभूम जिला के अध्यक्ष वाई शुक्ला के अध्यक्षता में बुधवार को मजदूर संघ के टाटानगर कार्यालय में किया गया। इसमें वाई शुक्ला के द्वारा बताया गया कि 3 नवम्बर 2023 को भारतीय मजदूर संघ के आवाहन पर राँची में होने वाले धरना प्रदर्शन में पूर्वी सिंहभूम जिला के अन्तर्गत यूनियन जैसे आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ, यूरेनियम मजदूर संघ, घाटशिला कापर मजदूर संघ, सी एम एस स्टाफ यूनियन, भवननिर्माण एवं सन्निर्माण कामगार यूनियन, सिंहभूम ठेकादार मजदूर संघ, रेलवे मजदूर संघ, भारतीय पोस्टल कर्मचारी संघ, बैंक आफ बडौदा कर्मचारी संघ, भारतीय जीवन बीमा निगम कर्मचारी संघ, को-आपरेटिव बैंक कर्मचारी संघ एवं अन्य यूनियनों से हजारों की संख्या में सदस्य उपस्थित होंगे।इस धरना प्रदर्शन की तैयारी जोर शोर से की जा रही है।
ये है मांग
1. झारखंड सरकार के विभिन्न बोर्ड/कमिटी/परिषद/आयोग आदि में भारतीय मजदूर संघ को उचित भागीदारी दी जाए।
2. झारखंड राज्य स्तरीय त्रिपक्षीय श्रम परामर्श समिति का गठन किया जाए।
3. झारखंड प्रदेश में यूनियनों के निबंधन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध किया जाए।
4. स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सहिया, सहिया साथी, बी.टी.टी एवं एस.टी.टी को राज्य कर्मचारी घोषित करें, घोषित होने तक समय पर कैडर के समतुल्य वेतन एवं अन्य भुगतान, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका वेतन, चिकित्सा, सेवा अवकाश
पर ग्रेज्युटी, अवकाश, महंगाई भत्ता दिया जाए।
5. आंगनबाड़ी कर्मचारी को राज्य कर्मचारी घोषित करें, कर्मचारी घोषित होने तक समय पर वेतन, अन्य भुगतान, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका वेतन, चिकित्सा, सेवा अवकाश प्राप्ति पर ग्रेज्युटी, अवकाश एवं महंगाई भत्ता का भुगतान सुनिश्चित की जाए।
6. आंगनवाड़ी सेविका सहायिका को रिटायरमेंट के बाद अन्य राज्यों की भांति एक मुश्त 5 लाख रुपए दिए जाए। सेविका और सहायिका को उनके क्वालिफिकेशन और वरीयता के आधार पर 50 परसेंट सेविका से सहायिका और सहायिका से सेविका के पद पर प्रोन्नति किया जाए। सेविका सहायिका को गर्मी की छुट्टी दी जाए और दुर्गा पूजा की बोनस दिया जाए।
7. एन.एच.एम/ जे.एस.ए.सी.एस में अनुबंध पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को स्थाई किया जाए एवं 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों के वेतन विषमताओं को दूर करने एवं सामाजिक सुरक्षा को लागू जाए।
8. झारखंड प्रदेश के सभी विभागों स्वास्थ्य, नगर निगम, नगर पालिका, विद्युत वितरण एवं संपोष्ण जैसे उद्यमों में विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदा श्रमिकों के लिए बायो – मीट्रिक उपस्थिति, कार्य एवं स – समय वेतन भुगतान, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा का लाभ सुनिश्चित हो एवं कार्यरत श्रमिकों को बिचौलियों से मुक्त किया जाए।
9.राज़्य सफ़ाई कर्मचारी आयोग़ क़ा गठन किया जाए।
10. BOC में श्रमिक कार्ड बनाने की पद्धति को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। 2019 से पहले ऑफलाइन कार्ड बना है, उसको ऑनलाइन में परिवर्तित करते हुए सुविधा दी जाए।
11. श्रम विभाग के आयुक्त, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कारखाना निरीक्षक एवं लिपिक वर्गीय रिक्त पड़े पदों को अविलंब भरा जाए।
12. झारखंड राज्य सहकारी बैंक जो राज्य प्रगति की रीढ़ है, उनमें कार्यरत कर्मचारियों के लिए वेतन समझौते एवं स्थानांतरण की नीति बनाई जाए।
13. गिग वर्कर के लिए स-वैतानिक छुट्टी, घंटे के हिसाब से वेतन, मोटर वाहन चालक, रिक्शा चालक, फेरी वाले एवं रेहड़ी-पटरी वालों के लिए व्यवसायिक रोग से सुरक्षा एवं बीमा की नीति बनाई जाए।
14. झारखंड राज्य के कामकाजी पत्रकारों के लिए त्रिपक्षीय कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
15. झारखंड प्रदेश में कार्यरत मोटिया मजदूरों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
16. झारखंड प्रदेश श्रमिक निर्यातक राज्य होने के कारण प्रवासी श्रमिक कल्याण बोर्ड की नितांत आवश्यकता है, अविलंब गठन किया जाए। बोर्ड गठन करने के साथ सबसे बड़े केंद्रीय श्रमिक संगठन के नाते भारतीय मजदूर संघ को बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
17. मनरेगा कर्मियों की सेवा स्थाई की जाए और जो लोग कंप्यूटर में कार्यरत है उन लोगों को वित विभाग के संकल्प के अनुसार सभी का न्यूनतम 38800 रुपया मानदेय किया जाय ।
18. एचईसी कर्मियों का 18 माह का वेतन बकाया हो गई है राज्य सरकार केन्द्र सरकार से वार्ता कर वेतन दिलाने के साथ साथ आधुनिकीकरण की बात रखी जाए।
19. झारखंड प्रदेश के अंतर्गत कोल इंडिया के अनुषांगिक कंपनियों का कोयला उत्पादन हेतु विस्तारीकरण में आए दिन बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे निजात पाने के लिए जमीन अधिग्रहण झारखंड सरकार द्वारा शीघ्र कराई जाए।
20. झारखंड प्रदेश के अंतर्गत कोल इंडिया के अनुषांगिक कंपनियों के लिए झारखंड सरकार के वन विभाग द्वारा कोयला उत्पादन हेतु क्लीयरेंस शीघ्र कराई जाए।
21. झारखंड प्रदेश के अंतर्गत कोल इंडिया के अनुसांगिक कंपनियों में भारी मात्रा में हो रहे कोयला चोरी पर अभिलंब रोक लगाई जाए ताकि राजस्व को हो रहे भारी नुकसान से बचाया जा सके।
22. झारखंड प्रदेश के अंतर्गत कोल इंडिया के अनुसांगिक कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों एवं अधिकारियों में कोयला माफिया एवं कोयला चोरो से आये दिन भय व्याप्त है, कर्मचारी एबं अधिकारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही साथ ही अनेको घटनाएं घट रही है, जिसमें झारखंड सरकार के प्रशासनिक विभाग का सहयोग नहीं मिल रहा है। अविलंब प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ की जाए।
23. झारखंड सरकार के अंतर्गत कोल इंडिया के अनुसांगिक कंपनियों में C.T.O. का क्लीयरेंस शीघ्र दिया जाए ताकि उत्पादन बाधित न हो।
24. क़ेरल की तरह ख़ेतिहर मजदूर कल्याण बोर्ड़ क़ा गठन किया जाए और सीमांत क़िसान ज़िनका 5 एकड़ से कम जमीन हो कृषि मजदूर का दर्जा दिया जाय।
ये थे उपस्थित
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष वाई शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष बलिराम यादव, जिला उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, मंडल सचिव डाक विभाग कर्मचारी संघ सिंहभूम सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरेन्द्र कुमार सिंह, विपिन कुमार एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे। उपर्युक्त विषयों की जानकारी अभिमन्यु सिंह प्रदेश मंत्री भा. म. संघ झारखंड प्रदेश के द्वारा दी गई।



