विश्व पोलियो दिवस पर पोलियो उन्मूलन का संकल्प, रोटरी पदाधिकारियों ने टीकाकरण और जन-जागरूकता को बताया जरूरी
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
विश्व पोलियो दिवस के अवसर पर शनिवार को जमशेदपुर के ऐतिहासिक जुबिली पार्क में पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसमें 250 से अधिक रोटेरियनों, रोटरैक्टर्स और इंटरैक्टर्स ने भाग लेकर मानव शृंखला बनाई और ‘END POLIO NOW’ का संदेश दिया। इस पहल के जरिए लोगों से पोलियो के पूर्ण उन्मूलन के लिए टीकाकरण और जन-जागरूकता अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।

कार्यक्रम में रोटरी के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (पीडीजी) डॉ. भरत और पीडीजी प्रतिम बनर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों ने अपने संबोधन में पोलियो उन्मूलन के वैश्विक अभियान में रोटरी इंटरनेशनल की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पोलियो के खिलाफ लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन इस बीमारी का पूरी तरह उन्मूलन होने तक लगातार प्रयास जारी रखना जरूरी है।
1985 में शुरू हुआ था पोलियोप्लस कार्यक्रम
वक्ताओं ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल ने वर्ष 1985 में पोलियोप्लस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके बाद वैश्विक स्तर पर पोलियो के मामलों में 99.9 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने पोलियो मुक्त विश्व के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियमित टीकाकरण, सतर्कता और व्यापक जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
पीडीजी प्रतिम बनर्जी ने रोटरैक्टर्स और इंटरैक्टर्स के उत्साह तथा सेवाभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। युवा पीढ़ी रोटरी की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बैनर और ध्वज लेकर दिया जागरूकता का संदेश
जुबिली पार्क में बनी मानव शृंखला के दौरान प्रतिभागियों ने बैनर, तख्तियां और पीले व गहरे लाल रंग के ‘END POLIO’ ध्वज लेकर पोलियो उन्मूलन का संदेश दिया। अभियान को सुबह की सैर पर निकले लोगों, स्थानीय नागरिकों और पार्क में मौजूद आगंतुकों का समर्थन मिला।
कार्यक्रम में रोटरी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न रोटरी क्लबों के अध्यक्षों, असिस्टेंट गवर्नरों, रोटरैक्टर्स, इंटरैक्टर्स और युवा छात्र स्वयंसेवकों ने भाग लिया। सभी ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों और जनस्वास्थ्य अभियानों को निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।
आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि पोलियो मुक्त विश्व का लक्ष्य हासिल करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। नियमित टीकाकरण, जन-जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के जरिए ही पोलियो उन्मूलन के प्रयासों को सफल बनाया जा सकता है।


































