कई ऐसे टेंडर होंगे, जिसमें अपराधियों की रंजिश बढ़ना तय, रेलवे पार्किंग से जुड़े घटना के तार, रेलवे अपराधियों पर मेहरबान
वर्तमान रेलवे पार्किंग पर भी नीरज दुबे का वर्चस्व, यादव की हत्या की कहानी पार्किंग से जुड़ी, जांच का विषय
बागबेड़ा क्षेत्र में ये अपराधिक घटनायें अब और बढ़ेगी, रेलवे का अतिक्रमण हटाना और सड़क पर फिर जमाना वसूली का हिस्सा
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के रेलवे लॉबी गेट के पास रविवार देर रात लोको पायलट जीके गौतम उर्फ यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद इलाके से चर्चित और दूधमून्हे बदमाश गायब हैं. उन्हें पनाह देने वाले अतिक्रमणकारी होटल वाले भी मुंह बंद किये है हैं. रात रात भर की अड्डाबाजी रोकने के लिए इलाके के थाना प्रभारी उमेश ठाकुर क्या एक्शन लेते हैं, यह देखने वाली बात होगी. खासकर इस घटना के बाद. ये अतिक्रमणकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है. ख़ौफ पुलिस का हो सकता है लेकिन पुलिस इन सब ख़ौफ को पहले ही पनाह नहीं देती तो शायद यह घटना नहीं होती.
बहरहाल, इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. पूरा मामला ठेकेदारी को लेकर जुड़ा हुआ है .मृतक गौतम उर्फ यादव रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा का निवासी था और वर्तमान में आदित्यपुर में पत्नी व दो बच्चों के साथ रह रहा था. घटना की सूचना मिलते ही सोमवार शाम उनके पिता और भाई भी शहर पहुंचे और मामले की जानकारी ली.
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. वह बात और है कि यहां के सीसीटीवी पुलिस की तबियत ख़राब करने वाले हैं. प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों को संदेह के दायरे में रखा है, जिनमें नीरज दुबे, टीटू शर्मा और बाबूलाल यादव समेत अन्य शामिल हैं. बाबूलाल समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है.
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि रेलवे ठेकेदारी में वर्चस्व की लड़ाई और जमीन कारोबार से जुड़े विवाद को हत्या के संभावित कारणों के रूप में देखा जा रहा है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जीके गौतम दो अन्य लोगों के साथ मिलकर जमीन का कारोबार करता था.
जानकारी के अनुसार, उनके एक सहयोगी चंदन कुमार रेलवे में ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि कहीं व्यावसायिक विवाद ने इस वारदात को जन्म तो नहीं दिया. फिलहाल पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले को सुलझाने में जुटी है.



