Jamshedpur : रमजान की रौशनी में नन्हीं इबादत, छोटी उम्र में रोज़ा रखकर दिया इंसानियत और देशप्रेम का पैगाम

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के बारीनगर टेल्को की रहने वाली सैयद मुजफ्फरूल हक़ की बेटियां रमज़ान के इस पाक और बरकत भरे महीने में 6 वर्षीय माहिरा हक़ और 10 वर्षीय असफ़ा हक़ ने इस साल का अपना पहला रोज़ा रखकर मिसाल पेश की। अल्हम्दुलिल्लाह, माहिरा हक़ ने मात्र 5 वर्ष की आयु में ही पिछले साल अपने जीवन का पहला रोज़ा रखा था और उसी छोटी उम्र से दोनों बहनों ने रोज़ा रखने की शुरुआत कर दी थी।

नन्हीं उम्र में इबादत के प्रति यह लगन न सिर्फ़ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है। हर धर्म हमें इंसानियत, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। रमज़ान आत्मसंयम, त्याग और करुणा का महीना है, जो हमें एक-दूसरे के दर्द को समझना और जरूरतमंदों की मदद करना सिखाता है।

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माहिरा और असफ़ा ने नमाज़ और रोज़ा के ज़रिए देश में शांति, मोहब्बत, अमन-चैन, एकता और तरक्की औऱ दुनिया मे अमन शांति के लिए दुआ माँगी। उनका यह मासूम पैगाम हम सबको याद दिलाता है कि सच्ची इबादत वही है, जो इंसानियत और वतन से मोहब्बत को मजबूत करे।

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