Breaking News
Jamshedpur : जुगसलाई पार्क में पटाखा बाजार पर प्रशासन की चुप्पी! SDO के आदेशों की अनदेखी, DC कार्यालय पहुंची स्थानीय लोगों की लिखित शिकायत Jamshedpur : न्यू सीरीज के 7,500 कर्मचारियों के एरियर पर यूनियन में उठे सवाल, भुगतान में देरी से ₹37.48 करोड़ के नुकसान का दावा Tata Steel Canteen New Rate : टाटा स्टील कैंटीन में 1.50 रुपये की कॉफी, 20 रुपये में डबल एग लंच; 16 नवंबर से नया मेनू लागू Jamshedpur : भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली पर कांग्रेस का पलटवार, परविंदर सिंह बोले—सत्ता में रहते हुए संविधान की रक्षा क्यों नहीं? Jamshedpur : दीपावली पर मारवाड़ी समाज की अनूठी पहल, एक करोड़ रुपये से अधिक की मिठाइयों का निर्माण-विक्रय Jamshedpur Bjp : लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष : अमरप्रीत सिंह काले, देखें – Video
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur Student Good News : रंग लाया विधायक सरयू राय का प्रयास, अब 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई उनके ही महाविद्यालयों में बरकरार रहेगी

SHARE:

राजभवन के इस फैसले से हजारों विद्यार्थियों ने ली चैन की सांस

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने नई शिक्षा नीति के आलोक में राजभवन द्वारा जारी पूर्व के आदेश में संशोधन कर बारहवीं कक्षा के छात्रों को उन्हीं महाविद्यालयों में पढ़ाई जारी रखने से संबंधित शनिवार को जारी नए आदेश का स्वागत किया है. उन्होंने इसके लिए राज्यपाल और राज्य के स्कूली शिक्षामंत्री रामदास सोरेन को हार्दिक धन्यवाद दिया है.

Gambhir Car Associate Motion Ads

सरयू राय ने कहा कि छात्रों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति बिना पूरी तैयारी के लागू करने के शपथ पत्र पर राजभवन ने पूर्व में जो आदेश जारी किया था, उससे हो रही कठिनाई के मद्देनजर उन्होंने एक सप्ताह पूर्व सार्थक हस्तक्षेप किया और राज्यपाल के प्रधान सचिव, स्कूली शिक्षा के प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा मंत्री एवं प्रधान सचिव से राजभवन द्वारा जारी पूर्ववर्ती आदेश के कारण हो रही कठिनाईयों के विषय में दूरभाष पर विस्तार से वार्ता की. सभी ने छात्रों और शिक्षकों को हो रही कठिनाईयों के प्रति संवेदना दिखाई और राज्यपाल के प्रधान सचिव ने सहमति व्यक्त की कि यदि राज्य सरकार इस आशय का प्रस्ताव भेजती है तो राजभवन द्वारा पूर्व में जारी किये गए आदेश में वांछित संशोधन किया जा सकता है.

सरयू राय ने बताया कि इसके बाद उन्होंने फोन पर रामदास सोरेन से विस्तृत वार्ता की. उन्होंने स्पष्ट आश्वासन दिय़ा कि राज्य सरकार एक-दो दिनों में इस आशय का संशोधन कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने जा रही है. उन्होंने राय से अनुरोध किया कि इस बारे में हुई बातचीत के निष्कर्ष को सार्वजनिक नहीं करना है. राय ने मंत्री के इस कथन का अक्षरशः पालन किया. यह प्रसन्नता का विषय है कि शिक्षा मंत्री ने छात्रहित में अपने आश्वासन को पूरा किया और राजभवन ने उसे स्वीकारा भी. राय ने स्कूली शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को हार्दिक बधाई दी.

राय ने बताया कि राजभवन के आदेश में वांछित संशोधन के उपरांत यह स्पष्ट हो गया कि 12वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी उन्हीं महाविद्यालयों से अपना अध्ययन पूरा कर परीक्षा देंगे, जहां अभी वे पढ़ाई कर रहे हैं. राजभवन की नई अधिसूचना जारी होने के उपरांत जमशेदपुर के शिक्षकों और छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार की देर शाम राय से मिला. उन्होंने राजभवन के नए आदेश को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने इसके लिए श्री राय के प्रति आभार जताया. इस प्रतिनिधिमंडल में नवनीत सिंह, राजीव दुबे, अनिमेष बख्शी, उपेंद्र कुमार राणा, इशरत रसूल, ज्योति प्रभा, पवन सिंह, हेमंत पाठक, साहेब बाग्ती, विक्की सिंह समेत दर्जनों लोग शामिल थे.

सरयू राय ने कहा कि 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की समस्या तो सुलझ गई लेकिन शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्या जस की तस है. वह प्रयास करेंगे कि सरकार और राजभवन से वार्ता कर शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्या का समाधान करें. यह संभव है कि नई शिक्षा नीति के आलोक में झारखंड में सरकार द्वारा एक वैकल्पिक प्रयास किया जाए और जिन सरकारी महाविद्यालयों में इंटर की पढ़ाई हो रही है, उन्हीं महाविद्यालयों में महाविद्यालय से अलग इंटर कालेजों की स्थापना करे क्योंकि नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए अलग से आधारभूत संरचना खड़ा करने में सरकार को कम से कम 5 साल लगेगा. तब तक झारखंड में नई शिक्षा नीति का हाईब्रिड समाधान सरकार निकाले.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर