भारत का मजबूत नियामक ढांचा, दुनिया की सबसे स्थिर वित्तीय प्रणालियों में से एक है : संदीप बख्शी

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

शनिवार को एक्सएलआरआइ- जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट जमशेदपुर में 70वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. टाटा ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में कुल 530 छात्र-छात्राओं को विभिन्न कार्यक्रमों में डिग्री प्रदान की गयी. इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहे आइसीआइसीआइ बैंक के सीइओ संदीप बख्शी, जो एक्सएलआरआई के ही पूर्व छात्र हैं. उन्हें संस्थान का सर्वोच्च सम्मान ‘सर जहांगीर घांदी मेडल फॉर इंडस्ट्रियल एंड सोशल पीस’ प्रदान किया गया. यह पुरस्कार औद्योगिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को लेकर दिया गया.

एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एसजे ने समारोह को चिंतन और भविष्य की जिम्मेदारी का क्षण बताया. उन्होंने संस्थान की उत्कृष्टता, मूल्यों पर आधारित नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण की प्रतिबद्धता पर बल दिया. साथ ही 2026 बैच की उपलब्धियों की सराहना करते हुए छात्रों से अनुशासन, धैर्य और निरंतर सीखने की अपील की.

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन टी.वी. नरेंद्रन ने सभी पास आउट स्टूडेंट को संबोधित करते हुए कहा कि स्नातक होना सिर्फ डिग्री लेना नहीं, बल्कि मूल्यों और व्यक्तिगत निर्णयों से भविष्य गढ़ने का काल है. श्री नरेंद्रन ने अपने पहले संदेश में आज के दौर में वैश्विक घटनाओं की समझ को बेहद जरूरी बताया. कोविड 19, रसिया-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व के संघर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज दुनिया पूरी तरह आपस में जुड़ी हुई है, जहां किसी एक देश की घटना का प्रभाव हर उद्योग और हर देश पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन की कमजोरियों का जिस तरह इस्तेमाल हो रहा है, उसे समझना युवा पेशेवरों के लिए बेहद जरूरी है. इस दौरान उन्होंने सॉफ्ट स्किल, सीखना कभी भी नहीं छोड़ने के साथ ही सामाजिक दायित्वों का हमेशा निर्वाह करने का आह्वान किया. सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आगे का जीवन चुनौतियों, तनाव और असफलताओं से भरा होगा. उन्होंने कहा कि सफल वही लोग होते हैं जो इन परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभालते हैं. अंत में उन्होंने सभी छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि वे जहां भी रहें, एक्सएलआरआइ का नाम रोशन करें.

वहीं, आइसीआइसीआइ बैंक के सीइओ संदीप बख्शी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय कई देश भारत के साथ स्वतंत्र हुए, लेकिन भारत ने जो उपलब्धि हासिल की, वह दूसरों को नहीं मिली. अवसर सबके लिए समान होते हैं, पर उनका उपयोग हर व्यक्ति, संस्थान और राष्ट्र अलग-अलग तरीके से करता है. भारत की वित्तीय सेवाएं हमेशा अर्थव्यवस्था की प्रगति से अटूट रूप से जुड़ी रही हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं ने बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड की मजबूत नींव रखी. 90 के दशक में उदारीकरण के बाद निजी क्षेत्र उसी उत्कृष्ट मानव संसाधन पर निर्भर रहा. भारत का मजबूत नियामक ढांचा ( आरबीआइ, सेबी, आइआरडीए ) आज भी हमें दुनिया की सबसे स्थिर वित्तीय प्रणालियों में से एक देता है. कहा कि आइसीआइसीआइ की यात्रा 1955 से शुरू हुई. हमारे संस्थापकों ने आर्थिक विकास, वित्तीय बुनियादी ढांचे और जिम्मेदार सामाजिक नागरिकता के तीन स्तंभों की परिकल्पना की. आज आइसीआइसीआइ जो कुछ भी है, वह उन महान नेताओं की दूरदर्शिता का परिणाम है.

विद्यार्थियों को कहा कि आज से आप अपनी पेशेवर यात्रा शुरू कर रहे हैं. विश्व में चुनौतियां हैं, लेकिन भारत मजबूत है. आप चुनिंदा प्रतिभाएं हैं, एक्सएलआरआइ की बेहतरीन शिक्षा से समृद्ध हैं. अब समय है कि आप उत्कृष्टता, निरंतर सीखने, विनम्रता और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ें. नया अध्याय शुरू करें. न केवल सफलता के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के बेहतर भविष्य के लिए.

अकादमिक उत्कृष्टता के लिए इन्हें किया गया सम्मानित

एक्सएलआरआइ मेडल फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस (2025-26) के तहत विभिन्न श्रेणियों में मेडल प्रदान किए गए पारिनीत रेड्डी मेडल (बेस्ट ऑलराउंड स्टूडेंट) अभिनव सिंह रॉय को, गीता सक्सेना मेडल (बेस्ट ऑलराउंड वुमन स्टूडेंट) अनुष्का चतुर्वेदी को, के.वी.के. राजू मेडल (आउटस्टैंडिंग एफपीएम स्टूडेंट) सुधांशु भट्ट को मिला. एचआरएम में खुशी कौर मेहता, बीएम में निश्चल गोयल और अन्य कार्यक्रमों में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. सामाजिक पहल के लिए नेहल जैन और सम्यक जैन को विशेष सम्मान मिला.

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