आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर जन सूचना पदाधिकारी सह बीडीओ कर रही टाल मटोल, चेयरमैन कमलेश कुमार पीछे पड़े-बोले मुख्य सचिव व डीसी के पास करेंगे शिकायत

फतेह लाइव, जमशेदपुर.

जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत 55 पंचायतों में हर साल जलमिनार निर्माण के नाम पर लाखों लाख की सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है. इसका जीता जागता उदाहरण है कि हर पंचायत में निर्माण किए गए जलमिनार, जो बंद पड़े हैं. इस कारण ग्रामीणों के हलक सूख रहे है. पंचायत क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन इसकी सूध लेने वाला कोई नहीं है. ऊपर से करोड़ों-करोड़ों  की लागत कीबागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना में भी वर्षों से खेला होती आ रही है. एक जानकारी के अनुसार जमशेदपुर प्रखंड की हर एक पंचायत में करीब 10 से 11 जलमिनार का निर्माण किया गया है. एक जलमिनार में करीब चार लाख चौबीस हजार खर्च हुए हैं. 15वें वित्त आयोग में पिछली बार 14, जबकि इस बार 11 जलमिनार स्वीकृत किये गए हैं. 55 पंचायतों में केवल 10 से 15 जलमिनार ही चालू स्थिति में है, जबकि शेष  बंद अवस्था में है.

बीडीओ और आरटीआई चेयरमैन के बीच चल रहा पत्र-पत्र का खेल

आमने – सामने बीडीओ और आरटीआई कार्यकर्त्ता

ऐसे में जलमिनार परियोजना में लाखों-लाखों का घोटाला होने की आशंका और परिजोजना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी आरटीआई विभाग के चेयरमैन कमलेश कुमार ने अपने लेटर में जमशेदपुर प्रखंड विकास पदाधिकारकी सह जन सूचना अधिकारी से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी. जन सूचना पदाधिकारी ने जो जवाब दिया वह आश्चर्यचकित है. उन्होंने 12 अप्रैल के आवेदन के आलोक में यह कहा कि सूचना अधिकारी अधिनियम-2005 के तहत मांगी गई सूचना राजनीतिक पार्टी के लेटर पैड पर है. सूचना अधिकारी अधिनियम के तहत आवेदन को रद्द करते हुए निर्देश दिया जाता है कि आप सादे कागज या प्रपत्र पर सूचना की मांग कर सकते हैं.

उसके बाद फिर आवेदक द्वारा 25 अप्रैल 2024 को बीडीओ को पत्र लिखा गया कि इस सीमित तथ्यों (यानी लेटर पेड में जानकारी क्यों नहीं मिल सकती?) को प्रमाण करने हेतु उल्लेखित तथ्यों की छायाप्रति अभिप्रमाणित भेजी जाए तथा सूचना अधिकार संशोधन नियमावली 2009 के नियम-4 के नियम 3 (क) के अधीन सूचना के लिए लिखित अनुरोध किया. आवेदक कमलेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार के द्वारा बनाये गए अधिनियम या नियमों से किसी प्रकार अल्पीकरण करने का क्षेत्राधिकार किसी भी राज्य सरकार या लोक सेवक को नहीं है और न ही संविधान का अनुभव न ज्ञान है.

हर रोज ग्रामीण क्षेत्रों में पानी लेने के लिए कुछ इस तरह का रहता है नजारा

आवेदक ने फिर 8 मई 2024 को प्रखंड विकास पदाधिकारी को स्मार पत्र दिया कि आप अभी तक हमको राजनीतिक पार्टी के लेटर पैड पर सूचना मांगने का अधिकार नहीं है इस नियम की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई है. इसके बाद 9 मई 2024 को बीडीओ ने आवेदक के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया और कहा कि सूचना की मांग सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 03 के अंतर्गत आम नागरिक के द्वारा ही की जा सकती है न कि राजनीतिक पार्टी, संघ, महासंघ पद धारक के बैनर तले. आपके द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी के चेयरमैन के रूप में सूचना की मांग की है.

आवेदक ने फिर जन सूचना पदाधिकारी को 13 मई को पुन: आपत्ति पत्र दर्ज किया और कहा कि अधिनियम 2005 के तहत आवेदन को अस्वीकृत करने का अधिकार आपको किस विधी में प्राप्त है. उसका उल्लेख करने का आग्रह किया. कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी जो एक लोकसेवक हैं. उनके द्वारा लोगों को या सामाजिक संस्था या राजनीतिक संस्था को अपमानित करने का  क्षेत्राधिकार किस विधी में प्राप्त है. उस विधी की छायाप्रति अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाए. आपके द्वारा लोकतंत्र में बने लोकप्रतिनिधि द्वारा बनाये गए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का उल्लंघन कर उक्त अधिनियम को कुचलने का प्रयास अमानवीय कृयाक्लाप है, जिसमें सुधार लाया जाए. आवेदक ने बीडीओ को चेतावनी दी है कि उक्त सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने तक मुख्य सचिव झारखंड सरकार रांची को आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई हेतु निरंतर जारी रहेगा. कमलेश कुमार ने कहा है कि यह सूचना मांगने का उद्देश्य जलमीनार के कार्यों में संवेदक एवं संबंधित लोकसेवक के बीच अनियमितता अपनाई गई तथा राशियों का बंदरबांट किया गया है तथा गैर जिम्मेदारी ढंग से या समझौता शर्त के अनुसार जलमीनार का कार्य नहीं किया, जिसके कारण जलमीनार का लाभ असहाय लोगों को प्राप्त नहीं हो पाता है. उक्त कठिनाईयों को दूर करने हेतु यह सूचना अति आवश्यक है. इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रथम अपीलीय पदाधिकारी का नाम, पदनाम, कार्यालय पता की जानकारी मांगी है ताकि ससमय प्रथम अपील की जा सके.

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत मांगी गई

  1. जमशेदपुर प्रखण्ड अन्तर्गत कार्य प्रत्येक पंचायत में जलमीनार लगाने का कार्य कब से शुरू हुआ, उससे संबंधित सरकारी आदेश की प्रति या विभाग का संकल्प पत्र की छाया प्रति, आवंटित राशि से संबंधित पत्र की छाया प्रति अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाये.
  2. जमशेदपुर प्रखण्ड स्तर पर जलमीनार का कार्य आरंभ करने के पूर्व जमशेदपुर प्रखण्ड में किस वर्ष कितने जलमीनार लगाने का कार्य हुआ है, उक्त कार्यों की विवरणी में वर्ष, कुल जलमीनार की संख्या, कुल जलमीनार का कार्य स्थल, सरकारी-गैर सरकारी जमीन का विवरणी अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाये.
  3. जमशेदपुर प्रखण्ड स्तर पर सम्पूर्ण जलमीनार बनाने हेतु कितने संवेदक को कार्य आवंटन किया गया था या समझौता पत्र बनाया गया था, उक्त सभी संवेदकों का कार्य आदेश की छाया प्रति या समझौता पत्र की छाया प्रति अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाये, तथा जलमीनार कार्य सम्पूर्ण होने पर कितने प्रकार की सामग्री संवेदक द्वारा लगाई गई और कितने प्रकार की सामग्री सरकार द्वारा स्वयं उपलब्ध कराई गई है तथा उक्त सामग्रियों का खरीद किनके किनके द्वारा कितने मात्रा में खरीद हुई है. उक्त खरीदी गई सामग्रियों की रसीद की छायाप्रति, भुगतान राशि का विवरणी अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाये.
  4. जलमीनार कार्य के लिये प्रखण्ड स्तर के पदाधिकारी या अन्य विभागीय पदाधिकारी द्वारा जलमीनार कार्य का देखरेख एवं निरीक्षण करने के साथ कार्य सम्पूर्ण का अनुशंसा पत्र के आधार पर भुगतान की अनुशंसा, नोट-शीट की छाया प्रति अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाये.
  5. जमशेदपुर प्रखण्ड स्तर पर जलमीनार कार्य सम्पादन के बाद अब तक कितने जलमीनार कार्य कर रहे हैं और कितने जलमीनार बंद हो गये हैं या खराब हो गये हैं, उक्त सभी जलमीनारों का स्थल का नाम, जलमीनार की संख्या, जो जलमीनार कार्यरत है, जो जलमीनार खराब पड़े हुये हैं उसकी सम्पूर्ण संख्या की विवरणी, कितने जलमीनार का लाभ सामाजिक हित में किया गया है तथा कितने व्यक्तिगत हित में हुआ है, व्यक्तिगत हित की सूची के साथ सम्पूर्ण विवरणी उपलब्ध कराया जाये.
  6. ऐसा है जलमिनारों का हाल

Share.
© 2025 (ਫਤਿਹ ਲਾਈਵ) FatehLive.com. Designed by Forever Infotech.
Exit mobile version