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Sakchi Gurdwara case : निशान सिंह कोर्ट गए थे, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका का निष्पादन किया, साफ है फैसला हमारे पक्ष का है : भगवान सिंह ने स्थिति स्पष्ट की, देखें – Video

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 कहा – सीजीपीसी के वजूद को बचाने के लिए हम सदैव तत्पर हैं, उच्च न्यायलय, प्रशासन सभी संविधान को मान रहे हैं, लेकिन निशान सिंह नहीं

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के साकची गुरुद्वारा में प्रधानगी के विवाद में झारखंड हाईकोर्ट के आये फैसले पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शुक्रवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की. प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने गत दिनों साकची गुरुद्वारा चुनाव से संबंधित दायर रिट याचिका को सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी द्वारा 8 जुलाई 2025 दिए गए एफिडेविट में दिए गए एनक्चर (बी) के अनुसार यह कहते हुए समाप्त (Disposed of) कर दिया है कि मामला पहले ही समाप्त हो चुका है तथा चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. उच्च न्यायालय के इस आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव गुरुद्वारा के संविधान (By-Laws) के अनुसार तथा सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की देखरेख में विधिवत संपन्न हुए हैं.

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सीजीपीसी के दफ्तर में आयोजित प्रेस वार्ता में भगवान सिंह ने कहा कि साकची गुरुद्वारा साहिब की चुनाव प्रक्रिया को लेकर सच्चाई और स्पष्टता आपके सामने रखना चाहते हैं. हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का समर्थन या विरोध करना नहीं है, बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन की व्यवस्था, मर्यादा और संविधान को बनाए रखना है.

जब गुरुद्वारा में विवाद और तनाव की स्थिति बनी, तब मामला सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास आया प्रशासन, विशेष रूप से SDO द्वारा यह निर्देश दिया गया कि चुनाव गुरुद्वारा के संविधान (By-Laws) के अनुसार सेंट्रल कमेटी की देखरेख में कराए जाएं और कानून-व्यवस्था प्रशासन संभालेगा. इसके बाद सेंट्रल कमेटी ने पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया शुरू की—नोटिस जारी किए गए, नामांकन लिए गए और बैलेट वोटिंग करवाई गई, जिसमें संगत के वोटों से हरविंदर सिंह मंटू को प्रधान चुना गया.

उन्होंने कहा कि यह भी महत्वपूर्ण है कि निशान सिंह हाईकोर्ट में इस उद्देश्य से गए थे कि SDO के आदेश को रद्द कराया जाए और सेंट्रल कमेटी को चुनाव कराने से रोका जाए, लेकिन हाईकोर्ट से उन्हें इस संबंध में कोई राहत प्राप्त नहीं हुई और याचिका को यह कहते हुए समाप्त कर दिया गया कि चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और मामला पहले ही समाप्त हो चुका था. साथ ही, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह सिविल कोर्ट जा सकता है.

भगवान सिंह ने कहा कि हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह किसी व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की गरिमा, अधिकार और व्यवस्था को बनाए रखने की लड़ाई है यदि आज इस व्यवस्था को कमजोर किया गया, तो भविष्य में किसी भी गुरुद्वारे में संविधान और अनुशासन को बनाए रखना कठिन हो जाएगा.

उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए, लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई कमेटी को उसका कार्यभार संभालने में सहयोग प्रदान करें. उन्होंने संगत सहित सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों और धार्मिक जत्थेबंदियों से अपील करते हुए कहा कि गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा बनाए रखें, शांति बनाए रखें और सच्चाई तथा कानून का साथ दें.

उच्च न्यायलय ने निशान सिंह के चुनाव को कहीं से भी मान्य नहीं बताया : अधिवक्ता

प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रतिवादी के अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा और उर्वशी सिन्हा ने भी न्यायलय के आदेश और उस पर बनाई जा रही उहापोह की स्थिति से पर्दा उठाया और सरल भाषा में पत्रकारों को कहा कि 28 मई 2025 को एसडीएम कोर्ट से सीजीपीसी को साकची का चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा गया था. इससे नाराज होकर निशान सिंह हाईकोर्ट गए थे. इन्होंने एसडीएम के आदेश को चुनौती दी थी. इसके बाद एसडीएम के आदेश से सीजीपीसी ने चुनाव संपन्न कराया था. इस मामले को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से छुपाया था.

हमने इसकी जानकारी दी. इसी आधार पर न्यायलय ने उनकी याचिका को dispose (of) कर दिया गया. इसमें कहीं भी ये आदेश नहीं है कि निशान सिंह के चुनाव को मान्य किया जाता है. भगवान सिंह ने कहा कि जब हाईकोर्ट, एसडीएम, सभी गुरूद्वारे सीजीपीसी का संविधान समझ रहे हैं तो निशान सिंह को भी यह समझना चाहिए. उन्होंने संगत से भी अपील की है कि वे सच्चाई का साथ दें, भ्रम पर ध्यान न दें. प्रेसवार्ता में चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह भाटिया, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, वरीय सलाहकार परविंदर सिंह सोहल समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

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