• जल आपूर्ति योजना की विफलता से संकट में ग्रामीण

फतेह लाइव, रिपोर्टर

गिरिडीह जिले के जमुना प्रखंड के खरगडीहा में पेयजल संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है. करोड़ों रुपये की लागत से बने जलापूर्ति केंद्र के बावजूद यह योजना विफल साबित हुई है. खरगडीहा, मिर्जागंज, बदडीहा, जगन्नाथडी, मिसिरडीह, परगोडीह जैसे कई गांवों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे लगभग 10,000 लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लोग अब कुएं, नदी और चापाकल के दूषित पानी पर निर्भर हो गए हैं, जो न केवल अस्वस्थकर है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरे की घंटी है.

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जनप्रतिनिधियों ने उठाई समस्या, सरकार से कार्रवाई की मांग

इस संकट को लेकर विधायक डॉ. मंजू कुमारी ने सदन में इस मुद्दे को उठाया और जलापूर्ति केंद्र को चालू करने की मांग की. इसके बावजूद, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. मुखिया सुनील कुमार साव और उप मुखिया पप्पू खान ने भी इस समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि वे इस पर तुरंत कार्रवाई करें. पप्पू खान ने तो यह तक कह दिया कि यदि जलापूर्ति नहीं शुरू हुई, तो जनप्रतिनिधि भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे.

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विभागीय लापरवाही या प्रणालीगत विफलता?

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता चंदन कुमार दास ने कहा कि पाइपलाइन की मरम्मत की आवश्यकता है और इसके लिए एस्टीमेट भेजा गया है. लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय लापरवाही या निष्क्रियता समस्या की जड़ है. ग्रामीणों को अब यह सवाल उठाने का अधिकार है कि करोड़ों रुपये की योजना किसके लिए थी, जब इसका लाभ उन्हीं लोगों को नहीं मिल रहा है जिनके लिए इसे बनाया गया था.

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