फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए सेंट मैरीज़ एलुमनाई ट्रस्ट (SMAT) ने सेंट मैरीज़ इंग्लिश स्कूल परिसर में अपना तीसरा रक्तदान शिविर आयोजित किया। पूर्व शिक्षिका स्वर्गीय श्रीमती दीप्ति बिसोई की स्मृति में आयोजित इस शिविर में करीब 30 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन बचाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय दीप्ति बिसोई के सुपुत्र को उनकी माता की स्मृति में विशेष मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फादर वर्नन डिसूज़ा ने रक्तदान को मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दुर्लभ रक्त समूह वाले लोगों को चिह्नित कर उन्हें रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
शिविर का आयोजन ब्रह्मानंद, रेड क्रॉस सोसाइटी, सेंट मैरीज़ एलुमनाई ट्रस्ट और सेंट मैरीज़ इंग्लिश स्कूल के सहयोग से किया गया।
इस दौरान ट्रस्ट के सदस्य मनजोत गिल को 25वीं बार रक्तदान करने पर ट्रस्ट के सदस्यों ने विशेष रूप से सम्मानित किया। उनके इस प्रेरणादायक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके नियमित रक्तदान को समाज के लिए प्रेरक उदाहरण बताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शशि तिवारी, अमृता धनजल, गुरशरण सिंह, मनजोत गिल, तेज मेहरवा, अश्विनी छाबड़ा, चंद्रशेखर समेत कई एलुमनाई सदस्यों और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर संदेश दिया गया कि “रक्तदान जीवनदान है, आपका दिया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।” लोगों से नियमित रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा का संकल्प बनाने की अपील की गई।



































