फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर से सटे आदित्यपुर के शेरे पंजाब चौक स्थित त्रिनेत्रम आई हॉस्पिटल में ‘Next Gen Optometry’ विषय पर विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑप्टोमेट्रिस्टों को आधुनिक नैदानिक तकनीकों, नवीनतम डायग्नोस्टिक उपकरणों और प्राथमिक नेत्र चिकित्सा में उनके प्रभावी उपयोग से परिचित कराना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी के साथ उसके व्यावहारिक इस्तेमाल की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में आरका जैन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.एस. रजी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि ईएसआई अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.के. सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

कार्यशाला में प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों और ऑप्टोमेट्री विशेषज्ञों के पैनल ने अकादमिक प्रस्तुतियों, नैदानिक चर्चाओं, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और इंटरैक्टिव प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक ऑप्टोमेट्री की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया।
प्रशिक्षण सत्र का खास फोकस अकादमिक जानकारी को व्यावहारिक क्लिनिकल एप्लीकेशन से जोड़ने पर रहा। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन लर्निंग, लाइव प्रदर्शन और केस-बेस्ड इंटरैक्टिव चर्चाओं में शामिल होने का अवसर मिला। इसके जरिए उन्हें मरीजों के नैदानिक मूल्यांकन और उपचार प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला।
कार्यशाला में ऑप्टोमेट्रिस्टों को प्राथमिक नेत्र देखभाल से जुड़ी नवीनतम तकनीकों और आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, उपकरणों के सही इस्तेमाल और क्लिनिकल परिस्थितियों में उनके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम ने जमशेदपुर और आसपास के विभिन्न नेत्र चिकित्सा संस्थानों से जुड़े ऑप्टोमेट्रिस्टों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया, जहां पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान, नई तकनीकों पर चर्चा और आपसी सीखने का अवसर मिला।
त्रिनेत्रम आई हॉस्पिटल की ओर से कहा गया कि इस तरह के अकादमिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ऑप्टोमेट्री क्षेत्र में निरंतर ज्ञानवर्धन को बढ़ावा देना और लोगों तक व्यापक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण नेत्र देखभाल पहुंचाने में योगदान देना है।
वहीं, त्रिनेत्रम आई हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विवेक केडिया ने प्रशिक्षण सत्र के उद्देश्य और इसके महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि बदलती चिकित्सा तकनीक के दौर में ऑप्टोमेट्रिस्टों का लगातार अपडेट रहना जरूरी है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




































