काली पोशाक और पगड़ी पहनकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर जताया विरोध
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष काला दिवस मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े तथा काली पगड़ी पहनकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई।

कांग्रेस ने यह प्रदर्शन दिल्ली में विरोध कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ पुलिस द्वारा कथित धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार के विरोध में किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के विरुद्ध बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। पार्टी ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने तथा मतदाताओं के विवरण में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने लगभग 13 करोड़ 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कांग्रेस ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही मतपत्रों के माध्यम से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग भी दोहराई।
परविंदर सिंह ने उठाए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था जरूरी है। निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्य करे और प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और नाम हटाए जाने से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर जानबूझकर मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर भी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू बोले- लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज का सम्मान जरूरी
डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला हैं। चुनाव आयोग पर देश के करोड़ों मतदाताओं का विश्वास कायम रहना चाहिए। यदि मतदाता सूची या चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने से संबंधित आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र में विपक्ष का अधिकार है। विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस द्वारा कथित धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार के मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से संबंधित शिकायतों की जांच और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
आनंद बिहारी दुबे और रवींद्र कुमार झा ने भी उठाई जवाबदेही की मांग
पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि मताधिकार प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। मतदाता सूची से किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ऐसी शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए।
पूर्व जिला अध्यक्ष रवींद्र कुमार झा ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की नीतियों और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर उठने वाले सवालों का जवाब तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित आरोपों की पारदर्शी जांच की मांग की।कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने भी मताधिकार की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
संजय सिंह आजाद ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन एवं प्रबंधन जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष (संगठन) संजय सिंह आजाद ने किया। प्रदर्शन में सुबोध सिंह सरदार, राजकिशोर यादव, परविंदर सिंह सोहल, प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी, ब्रजेन्द्र तिवारी, अखिलेश सिंह यादव, रईस रिजवी छब्बन, किशनलाल महतो, आशुतोष सिंह, शाहिद इकबाल, रजनीश सिंह, अविनाश सिंह, अरुण यादव, अशोक सिंह, योगेन्द्र सिंह यादव, नलिनी सिन्हा, शैलेश पाण्डेय, अतुल गुप्ता, कौशल प्रधान, फिरोज खान, शफी अहमद खान, हरिराम टुडू, गुरदीप सिंह सोहल, केके शुक्ल, राजकुमार वर्मा, सुल्तान अहमद, सुब्रतो दास, अजय कुमार सिंह, अमरजीत नाथ मिश्र, देबु चटर्जी, अंसार खान, जयराम हांसदा, खगेनचन्द्र महतो, सुरेंद्र शर्मा, ज्योति मिश्र, नवल किशोर सिंह, ऊषा सिंह, सुनील प्रसाद, राजेश चौधरी, मकसूद आलम, समरेन्द्र तिवारी, सुखदेव सिंह मल्ली, शमशेर आलम, तोता महाली, अरुण त्रिपाठी, सानिया दीप, संध्या दास, नमिता सिंह, फरहत बेगम, रीता शर्मा, शबाना परवीन, शिल्पी चक्रवर्ती, राजा ओझा, अजय शर्मा, सन्नी सिंह, ईशान पात्रा, फागु सोरेन, उदय कुमार सिंह, अरुण सिंह, शिबू सिंह, अनिल सिंह, आशीष ठाकुर, राजेश कुमार, मुन्ना मिश्र, देवशरण सिंह, रंजन सिंह, सूरज मुंडा, सुभाष उपाध्याय, लक्की शर्मा, कृष्णा लोहार, जेएस पदरी, संजय झा संत, सपन सरदार, संजय यादव, नरेंद्र कुमार, रजिन्दर सिंह, निरंजन सिंह, आदित्य सामल, मुईनुद्दीन खान, सिकन्दर अंसारी, विवेक गुंडूवा, असलम खान, बिन्दा सोरेन, गौतम बसु, कृष्णा पासवान, अरुण बारीक, अजय पांडे, दुर्गा प्रसाद, चंदन यादव, नारायण दे, राजनारायण यादव, रवि यादव, रूबी ठाकुर, विजय बर्मन, राजू वर्मा, धनंजय उपाध्याय, आरके राजू, मृत्युंजय लाल, बबलू दास, बीरबल कुमार, संतोष कुमार, रवि कुमार रंजन, प्रमोद कुमार, नाज परवीन, अखिलेश मिश्रा, विनय कुमार, शशि कुमार, शब्बीर उर्फ लालबाबू, गौरी देवी, नीरज तिर्की, अमरेश कुमार ठाकुर, प्रेम टुडू, राकेश साहू, रवि करुआ, बबलू नौशाद और अजय यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने दोहराया कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही के मुद्दे पर पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी।


































