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Jamshedpur : गुरुद्वारों में रुमाला भेंट विषय पर अकाल तख्त के जत्थेदार के दिए दिशा निर्देश को जमशेदपुरी ने सही बताया

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

सचखंड श्री अकाल तख्त हरमंदिर साहिब, अमृतसर के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघुबीर सिंह द्वारा गुरु ग्रन्थ साहिब को रुमाला भेंट विषय पर जरुरी दिशा निर्देश दिए जाने का जमशेदपुर के युवा सिख धर्म प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने स्वागत करते हुए सही और जरूरी कदम बताया है. बकौल हरविंदर सिंह जमशेदपुरी, जत्थेदार जी द्वारा दिए गए दिशा निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागु कर दिया जाना चाहिए. दिशा निर्देश के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए जमशेदपुरी ने कहा कि जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघुबीर सिंह का साफ-साफ कहना है कि संगत रुमाला भेंट करने के स्थान पर गुरुद्वारा के लंगर और ईमारत निर्माण जैसे कार्यों में आर्थिक सेवा करें, क्योंकि जो रुमाला गुरु ग्रन्थ साहिब को भेंट किया जाता है वह निम्न गुणवत्ता होते हैं. केवल पांच फीसदी रुमाले अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं.

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रुमाले के रख-रखाव भी मर्यादा अनुरूप नहीं होता तथा उपयोग होने वाले गत्तों से बदबू आती है. महत्वपूर्ण रूप से ज्ञानी रघुबीर सिंह ने संगत से अपील की है गुरुद्वारा साहिब दर्शन को आने तक के रास्ते में गैर-सिखों या प्रवासियों द्वारा बेचे जा रहे रुमाला साहिब को न लें. क्योंकि गैर-सिख और प्रवासी सिख धर्म के सिद्धांतों को नहीं जानते और लोगों को भ्रम में डालकर अपनी दुकानदारी चला रहे हैं. जत्थेदार ने कहा कि कई दिनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि सचखंड श्री दरबार साहिब के सामने या रास्तों पर कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा गुरु साहिब के रूमाले रेहड़ियों या फिर हाथों में संगतों के आगे-आगे घूमकर बेचते देखे जा रहे हैं, जो कि एक तरह से मर्यादा का घोर उल्लंघन है.

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