फतेह लाइव, रिपोर्टर.
मिट्टी या चिकनी मिट्टी के टुकड़े को कोई भी जैसा चाहे वैसा आकार दे सकता है और बच्चों का दिमाग कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे सही दिशा में ढालकर रचनात्मक और संवेदनशील नागरिकों के रूप में विकसित किया जा सकता है। आज के उपभोक्तावादी और गैजेट-उन्मुख समाज में बच्चों की प्राकृतिक इंद्रियों और रचनात्मकता का क्षरण होना चिंता का विषय है।
इनर व्हील क्लब जमशेदपुर वेस्ट के द्वारा बच्चों की रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने की यह पहल, जिसमें कहानी की किताबें और चित्र पुस्तकें दान की गईं, अत्यंत सराहनीय है। उपाध्यक्ष सनोबर हसन ने २० सितंबर को बाल कल्याण विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को कहानी की किताबें, जीवनियां, चित्र पुस्तकें आदि दान कीं, जिनकी कीमत रू० ५०००/- है।आई० एस० ओ० निवेदिता सिन्हा ने हाथ से बनाई गई रचनात्मक स्लाईडों के साथ इस स्कूल में एक कहानी कहने का सत्र शुरू किया। बच्चों को कहानी सुनाने के इस रचनात्मक तरीके से बच्चों को न सिर्फ मौज-मस्ती मिली, बल्कि उनकी कल्पनाशीलता को भी बढ़ावा मिला।
यह प्रयास आने वाले कल के नागरिकों के दिमाग में रचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति, और लेखन की भावना को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो एक बेहतर भविष्य का निर्माण करेगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरर निभा मिश्रा, अध्यक्ष पापिया चटर्जी, आई० पी० पी० बबीता केडिया, संपादिका उषा महातो तथा स्वागता साहा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



































