फतेह लाइव, रिपोर्टर।
उद्यमी एवं समाजसेवी सरदार सरदूल सिंह नहीं रहे और 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. वे पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे. पहले दिल्ली फिर चेन्नई और उसके उपरांत कोलकाता अपोलो ले जाया गया था. मंगलवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली और उनके पार्थिव शरीर को बुधवार की रात जमशेदपुर लाया जाएगा.
बेटा एवं भाजपा कार्यकर्ता हरपाल सिंह हैप्पी ने बताया कि गुरुवार कि सुबह साढ़े दस बजे माधव बाग कॉलोनी स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा शुरू होगी और स्वर्णरेखा बर्निंग घाट भूइयांडीह में देह को अग्नि को समर्पित किया जाएगा।
उनके निधन पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, झारखंड के मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक सरयू राय, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव इंदरजीत सिंह, झारखंड गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार भगवान सिंह, बारीडीह गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलविंदर सिंह, मानगो गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह, खालसा क्लब के ट्रस्टी संता सिंह, अध्यक्ष भगवंत सिंह रूबी, रामगढ़िया सभा के प्रधान केपीएस बंसल, ट्रस्टी जसबीर सिंह संधू, संत कुटिया गुरुद्वारा के कृपाल सिंह भारद्वाज, भाजपा युवा नेता सतबीर सिंह सोमू, कुलवंत सिंह बंटी पूर्व जिला अध्यक्ष रामबाबू तिवारी ने शोक जताया है।
वह अपने पीछे बेटे कृपाल सिंह, बेटे प्रितपाल सिंह एवं दो बेटियां और भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सोमू के अनुसार सरदार सरदूल सिंह का जीवन अनुकरणीय है कि उन्होंने लघु उद्योग से शुरुआत की और अपनी मेहनत लगन से सरदूल इंडस्ट्री एवं सरदूल इंफ्रास्ट्रक्चर को व्यापक रूप देने में सफल रहे।




































