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Giridih : जलसहिया को सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग हुई तेज, गिरिडीह में महिला जलसहिया संघ की बैठक संपन्न

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  • किरण पब्लिक स्कूल में हुई बैठक में उठी वेतन, मानदेय और विभागीय कार्य में सहभागिता की आवाज

फतेह लाइव, रिपोर्टर

झारखंड राज्य महिला जलसहिया कर्मचारी संघ, जिला शाखा गिरिडीह की महत्वपूर्ण बैठक जिला अध्यक्ष दिव्या देवी की अध्यक्षता में किरण पब्लिक स्कूल परिसर में संपन्न हुई. बैठक में जिले के तमाम प्रखंडों की जलसहिया सदस्याएं शामिल हुईं. बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा और जल जीवन मिशन से जुड़ी विभागीय कार्यशैली पर प्रशिक्षण देना रहा. बैठक में बताया गया कि वर्षों से जलसहिया को विभागीय योजना से अलग-थलग रखकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है. अब जबकि विभागीय मंत्री जलसहिया के योगदान को स्वीकार कर रहे हैं, ऐसे में विभाग को चाहिए कि जलसहिया को योजना के क्रियान्वयन में बराबरी का भागीदार बनाए.

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विभागीय भ्रष्टाचार पर जलसहिया ने उठाई आवाज, प्रशिक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सितारा परवीन और जिला मंत्री सरिता देवी ने विभागीय गड़बड़ियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए जलसहिया को सजग रहने की सलाह दी. साथ ही बताया कि यदि विभागीय कार्यों में जलसहिया को उचित स्थान नहीं मिला तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन की शुरुआत होगी. प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि जलसहिया को सरकार एक कर्मचारी के रूप में मान रही है और विभाग में उनका योगदान बहुमूल्य है. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल पांच साल के लिए चुने जाते हैं, पर जलसहिया 60 साल की उम्र तक कार्यरत रहती हैं. यदि वे संगठित होकर मांग रखें तो वे सुनिश्चित वेतन और मानदेय की हकदार बन सकती हैं.

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संगठन से जुड़कर मिलेगा वेतन और सुरक्षा का अधिकार : संरक्षक अशोक सिंह

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि मुखिया और वेंडरों के साथ मिलकर जलसहिया की उपेक्षा की गई और लूट का माहौल कायम रखा गया, तो जलसहिया सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी. कार्यक्रम में लीलावती देवी, नीतू देवी, जसोदा देवी, कविता देवी, सीमा देवी, सलेहा परवीन, दुलारी देवी, पूनम पांडे सहित कई जलसहिया उपस्थित रहीं. संगठन ने विभाग से स्पष्ट मांग की कि विगत वर्षों की योजनाओं की पारदर्शी समीक्षा हो और जलसहिया को उसका अधिकार दिया जाए.

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