स्टार टॉकीज के समीप आशीर्वाद होटल के पीछे सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, टाटा स्टील के आवेदन पर कार्रवाई
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में सरकारी पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ जमशेदपुर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के स्टार टॉकीज के समीप आशीर्वाद होटल के पीछे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर दंडाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस बल के सहयोग से करीब 17 दुकानों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
बताया गया कि उक्त जमीन पर अतिक्रमण को लेकर टाटा स्टील की ओर से प्रशासन को आवेदन दिया गया था। आवेदन और संबंधित अतिक्रमणवाद में पारित आदेश के आधार पर प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान मौके पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
आदेश के बाद भी नहीं हटाया गया था अतिक्रमण
प्रशासन के अनुसार, संबंधित अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने चिह्नित क्षेत्र में बने दुकानों और अन्य अस्थायी निर्माण को हटाया। कार्रवाई के दौरान करीब 17 दुकानों को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
नियुक्त दंडाधिकारी ने बताया कि टाटा स्टील की ओर से दिए गए आवेदन के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। अनुमंडल प्रशासन के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 17 दुकानों को हटाया गया है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
साकची में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार साकची थाना क्षेत्र में भी सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई निर्धारित की गई थी। विभिन्न अतिक्रमणवादों में पारित आदेश के आधार पर चिह्नित भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को भी मौके पर उपस्थित रहकर दंडाधिकारी को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय से संबंधित किसी आदेश की स्थिति में उसका अध्ययन कर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




































