1.33 करोड़ के घोटाले के बाद लगातार जनता की गाढ़ी कमाई के लूट के मामले हो रहे उजागर, डीसी पर जनता की टिकी निगाहें
चरणजीत सिंह.


जमशेदपुर के मानगो नगर निगम में आए दिन जिस तरह घोटाले पे घोटाले सामने आ रहे हैं, उसे लेकर यह कहना गलत नहीं होगा कि झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के मानगो म्युनसिपल कारपोरेशन का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो सकता है. ताजा मामले में मानगो नगर निगम में लगभग छह करोड़ की योजना में फिर से बंदरबांट उजागर हुआ है. इस प्राकलन राशि में केवल लगभग दो करोड़ का काम (40 प्रतिशत) लगभग ही ठेकेदार के द्वारा किया गया है, लेकिन सौ फीसदी कार्य पूर्ण दर्शाकर पूरी योजना के रुपये निकासी कर ली गई है. यह सब खेला भी डीएमसी सुरेश यादव के कार्यकाल में हुई है, जिसकी जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. सूत्र बताते हैं कि लगभग छह माह पहले ही रूपये की निकासी कर ली गई है.
विगत एक माह से मानगो नगर निगम घोटाले को लेकर सूर्खियों में बना हुआ है. फतेह लाइव परत दर परत इन हाई प्रोफाइल घोटालों पर नजर बनाये हुए हैं और जनता के बीच खुलासा कर रहा है. उसके बाद मानगो नगर निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई है. अपनी अनियमतिताओं को दबाने की हर जुगत में जिम्मेदार लग गए हैं. मालूम हो कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी जगजाहिर है, लेकिन मानगो नगर निगम में बिना कार्य किये पूरे पैसे की निकासी यह झारखंड में पहला मामला है.
इन ई-निविदा में हुआ घोटाला
- अति अल्पकालीन ई-निविदा आमंत्रण सूचना संख्या (UDHD/MMC/20/2023-24) (2ND CALL) दिनांक 18.03.2024. (इसमें कुल 16 योजना शामिल हैं.)
- (UDHD/MMC/17/2023-24) दिनांक 17.02.24 (इसमें कुल 45 योजना शामिल है.) और
- UDHD/MMC/10/2023-24) इसमें कुल तीन योजना शामिल हैं. ये सारी योजनाएं लगभग छह करोड़ की हैं.

चार योजनाओं पर चहेते ठेकेदार का कब्जा
UDHD/MMC/10/2023-24) में चार निविदा निकाली गई थी. इनमें डीएमसी सुरेश यादव के दो चहेते ठेकेदार को काम दिया गया. इनमें ठाकुर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर संजय ठाकुर शामिल हैं.

UDHD/MMC/10/2023-24) किसे मिला टेंडर
Sl-1. ठाकुर इंटरप्राइजेज 28.33 (BELOW) राशि 28 लाख 63 हजार 195 रुपये निकासी हुई, लेकिन कार्य 50 प्रतिशत ही हुआ.

Sl-2. ठाकुर इंटरप्राइजेज 28.33 (BELOW) राशि 43 लाख 59 हजार 345 रुपये निकासी हुई, लेकिन कार्य 40 प्रतिशत ही हुआ.

Sl-3. कश्यप इंटरप्राइजेज 28.99 (BELOW) राशि 13 लाख 47 हजार 870 रुपये निकासी हुई, लेकिन कार्य लगभग 40 प्रतिशत ही हुआ. (नोट : इस योजना के बारे में ठेकेदार शशि कश्यप ने खबर छपने पर अपनी बात फतेह लाइव को रखी. उनका कहना है कि यह योजना को मैं कैंसिल कराकर अपना अर्नेस्ट और सिक्योरिटी मनी रिटर्न ले चूका हूं. यह योजना R. C. D के द्वारा पहले ही संपन्न हो चुकी है. फतेह लाइव कश्यप इंटरप्राइजेज के लिए खेद प्रकट करता है.)
Sl-4. ठाकुर इंटरप्राइजेज 28.33 (BELOW) राशि 39 लाख 52 हजार 285 रुपये निकासी हुई, लेकिन कार्य 40 प्रतिशत ही हुआ. (नोट-सारे कार्य को पूर्ण दिखाकर सौ फीसदी राशि की निकासी कर ली गई है.) (नोट – खबर पर अपना पक्ष देते हुए संजय ठाकुर ने कहा कि दो योजना का हमारे को पेमेंट हुआ है और एक योजना अभी पेमेंट होना बाकी है. उन्होंने योजना का पूरा काम कर दिया है. लाइफ में फर्स्ट बार गलती हुई है कि हमने बहुत BELOW रेट में टेंडर ले लिया है. दोबारा यह गलती नहीं होगी.)
कहीं आरोपितों पर मेहरबान नहीं है जांच कमेटी ?
मानगो नगर निगम में गत 22 अक्टूबर को चार योजनाओं में 1.33 करोड़ गबन का पर्दाफाश फतेह लाइव ने किया था. इसके बाद लगातार मानगो नगर निगम में विभिन्न घोटाले एक पर एक प्रकाशित हुए थे. फतेह लाइव में प्रकाशित इस मामले को डीसी अनन्य मित्तल ने गंभीरता से लेते हुए 26 अक्टूबर को एक जांच कमेटी का गठन किया. इसमें एडीसी और जिला परिषद के जिला अभियंता नकुल ठाकुर को शामिल किया गया. शुक्रवार को करीब 26 दिन बीत जाने के बाद भी जांच कमेटी के कदम आगे नहीं बढ़ी. केवल मानगो नगर निगम से मामले में अभिलेख लेकर ही चुपी साध ली है. नकुल ठाकुर कहते हैं कि चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण जांच में नहीं लग पा रहे हैं, जबकि इस बड़ी अविधि में आरोपितों को बचने का पूरा मौका दिया जा रहा है.

इस बीच कई बार योजनास्थल पर एमएमसी के द्वारा काम भी शुरु कराने की कोशिश की गई और तो और खुद डीएमसी सुरेश यादव शुक्रवार पूरे दिन समता नगर और आजादबस्ती की तीन योजनाओं का जिसका कार्य पूर्ण दिखाकर राशि निकासी कर ली गई है. वहां आनन फानन में फिर से बचे हुए कार्य को कराया जा रहा है, जो जीपीएस कैमरा में कैद हैं. बता दें कि डीएमसी सुरेश यादव 30 नवंबर को मानगो नगर निगम में सेवा समाप्त हो रही है. बाकी बचे हुए एक माह वह जल संसाधन में देंगे. ऐसे में इनके कार्यकाल में जितनी भी योजनाएं स्वीकृत हुई हैं. उसकी जांच होने से बड़ा घोटाला प्रकाश में आएगा. बहरहाल, इन सभी योजनाओं पर डीसी की नजर रहती है. उसके बाद भी इतनी बड़ा घोटाला करने की जद्द नगर निगम के अघिकारी कैसे कर गए.

झारखंड कंट्रेक्टर एसोसिएशन का स्वयं को बताते हैं अध्यक्ष
मानगो नगर निगम में टेंडर पर राज करने वाले और जनता की गाढ़ी कमाई की लूट खसोट करने वाले ये ठेकेदार संजय ठाकुर खुद को झारखंड कंट्रक्टर वेलफेयर एसोसिएशन का अध्यक्ष बताते हैं. मानगो बस स्टैंड में जेएनएसी का संजय ठाकुर द्वारा होटल संचालित किया जाता है.