Fateh Live Expose : डीसी साहब – मानगो नगर निगम का एक और कारनामा सुनिए, विधायक फंड की राशि 4.5 लाख की जुलाई में ही कर ली गई निकासी, अब लगाई जा रही हाई मास्ट लाइट

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फतेह लाइव के 1.33 करोड़ घोटाले का पर्दाफाश किये जाने के बाद डीएमसी हुए अलर्ट

चरणजीत सिंह.

झारखंड के जमशेदपुर में स्थित मानगो नगर निगम का गठन ही मानो जनता की गाढ़ी कमाई का दुरूपयोग करने और सरकार को चूना लगाने के लिए किया गया है. यही कारण है कि यहां अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले की परत दर परत खुल रही है. अभी पिछले दिनों ही 15वें वित्त आयोग की 1.33 करोड़ की राशि का घोटाला सामने आया था. यह मामला ठंडा ही नहीं हुआ है. डीसी के आदेश पर इसकी जांच चल रही है. जांच को प्रभावित करने के लिए जिम्मेदार और ठेकेदार तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इसे लेकर नगर निगम में खलबली मची हुई है. इसी बीच एक नया सनसनीखेज घोटाला का पर्दाफाश फतेह लाइव ने किया है. जानकारी के अनुसार अब विधायाक निधी से लाखों का घोटाला प्रकाश में आया है.

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कार्यस्थल पर शुरू किया गया हाई मास्ट लाइट लगाने का काम

जानकारी के अनुसार 2023-24 में विधायक फंड से मानगो नगर निगम डिमना रोड शंकोसाई रोड नंबर एक स्थित सुभाष कॉलोनी श्यामनगर छठ घाट (वार्ड नम्बर 10) में 4 लाख 38 हजार 296 रूपये की लागत से हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना निकाली गई थी. कार्यस्थल पर काम पूरा किये बगैर ही सारी राशि की निकासी कर ली गई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार गत 22 जुलाई को ही यह राशि का भुगतान चेक द्वारा कर दिया गया है. इसकी जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.

फतेह लाइव में 1.33 करोड़ का घोटाला प्रकाश में लाये जाने के बाद डीएमसी सुरेश यादव सतर्क हो गए हैं. वह विभिन्न योजनाओं की फाइलें इंजीनियरों से दिखवा रहे हैं और जहां कहीं भी लापरवाही या घोटाला किया गया है, उसे दुरुस्त करके बचने के कार्य में लग गए हैं, क्यूंकि जनवरी में उनकी विदाई होने वाली है.

हाई मास्ट लाटइट लगाने के पूर्व का दृश्य

लोगों की शिकायत पर फतेह लाइव की टीम शनिवार को कार्यस्थल पर पहुंची. जहां हाई मास्ट लाइट लगाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा था. योजना स्वीकृत होने के बाद यहां केवल चबूतरा बना दिया गया था, लेकिन लाइट नहीं लगाई गई थी. पड़ताल में पता चला की मुकेश सिंह नामक ठेकेदार यह कार्य कर रहा है. इस घोटाले में लिप्त जेई ने उस ठेकेदार को दो दिन में कार्य करने का अल्टीमेटम दिया है. जानकर बताते हैं कि इस योजना के लिए मेजरमेंट बुक (एमबी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है, लेकिन यहां उसकी अनदेखी की गई है, हो सकता है खबर देखने के बाद बैक डेट में इसमें सुधार कर लिया जाये, लेकिन घोटाला तो घोटाला है. इसकी भी निष्पक्ष जांच हो जाती है तो नगर निगम के कई अधिकारियो की गर्दन फंस सकती है.

वैसे भी जमशेदपुर पश्चिमी के एनडीए के उम्मीदवार सरयू राय ने फतेह लाइव की पिछली घोटाले की खबर देखकर और महिलाओं की शिकायत पर यह कहा है कि मानगो नगर निगम में विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी है. सब की जांच होनी चाहिए. अब देखने वाली बात होगी की डीसी अनन्य मित्तल इसमें क्या एक्शन लेते हैं. वैसे 1.33 करोड़ घोटाले की खबर में जांच तो बैठाई गई है, लेकिन आरोपितों को बचने के लिए भी पूरा समय दिया गया है.

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