Jamshedpur Breaking : मानगो नगर निगम में रविवार छुट्टी के दिन ठेकेदारों को बांटे जा रहे थे टेंडर, मारपीट के बाद मची भगदड़, तोड़फोड़, देखें – Video

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

मानगो नगर निगम में रविवार छुट्टी के दिन क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर होने वाले टेंडर को अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को बांटा जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि 10 प्रतिशत की बंदर बांट में यह गैर कानूनी काम को अंजाम दिया जा रहा था. तभी यहां देर शाम हंगामा हो गया और भंडाफोड़ हो गया. इससे वहां भगदड़ मच गई. सूत्र बताते हैं कि यहां ठेकेदार हरवे हथियार के साथ लैस होकर पहुंचे हुए थे. गोली चलने की नौबत भी बन गई. समय रहते मानगो थाना की पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला संभाला. लेकिन उसके पहले लॉटरी बॉक्स आदि सामानों को उपद्रवियों ने तोड़फोड़ कर तहस नहस कर दिया था.

सूत्र बताते हैं कि यह टेंडर की प्रक्रिया आगामी मंगलवार को होने वाली थी, लेकिन आनन फानन डीएमसी सुरेश यादव द्वारा रविवार छुट्टी के दिन ही टेंडर बांटने के लिए ठेकेदारों को कार्यालय में जमघट लगा ली। ऑनलाइन टेंडर को लॉटरी करके बांटा जा रहा था, ताकि कोई बिलो नहीं जाये। सूत्र बताते हैं कि उन्हें अधिकारी द्वारा धमकी भी दी गई थी कि जो टेंडर बिलो गया, उसे रद्द कर विधायक निधी में डाल दिया जायेगा।

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विभाग द्वारा निकाले गये करीब 10 करोड़ की प्राकलन राशि का काम का टेंडर होना था. जहां 10 प्रतिशत शिडियूल का सेटिंग गेटिंग हो रहा था और ठेकेदारों के बीच विवाद हो गया. करीब 60 से 65 ठेकेदार यहां मौजूद थे. इसी में 80 लाख के टेंडर के लिए ठेकेदार राज मिश्रा और अक्षय सिंह के बीच विवाद हो गया और बवाल बढ़ गई. खबर लिखे जाने तक गांधी मैदान नगर निगम के कार्यालय में हंगामा जारी है. उलीडीह के प्रभारी थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है. बहरहाल, इस घटना के बाद नगर निगम में एक और अनिमितता उजागर हुई है. जिला प्रशासन इस मामले में क्या रूख अपनाता है.

यह देखने वाली बात होगी. इस मामले में नगर निगम के विशेष पदाधिकारी सुरेश यादव और सिटी मैनेजर जितेंद्र कुमार को जानकारी लेने के लिए कार्यालय से फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. दूसरी ओर, इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेता विकास सिंह ने सुरेश यादव को आड़े हाथ लिया है.

उन्होंने बताया कि सुरेश यादव निजी लाभ के लिए कमीशन के लिए छुट्टी के दिन कैंप लगाकर सब मैनेज कर रहे थे. यहां प्रशासनिक अधिकारी को काम देखना है, लेकिन मंत्री की पहुंच होने के नाते वह कार्यपालक अभियंता रहते हुए कई तरह के खेल रच रहे हैं, जिससे सरकार को चूना लग रहा है. डीसी और नगर सचिव विभाग को इसमें संज्ञान लेने की जरुरत है, ताकि दोबारा ऐसे हादसे नहीं हो.

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