Giridih Police : 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, दो दशक से था सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर

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गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा-209 की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता

झारखंड के कई जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट और सुरक्षाबलों पर हमलों समेत 240 से अधिक मामलों का आरोपी

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

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झारखंड में गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक सभागार में पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।

एसपी ने बताया कि डीजीपी झारखंड के निर्देश पर पारसनाथ जोन में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 17 जुलाई 2026 को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में गिरिडीह पुलिस और कोबरा-209 की संयुक्त टीम ने विशेष ऑपरेशन चलाया। आधुनिक तकनीक और सटीक मानवीय सूचना के आधार पर जंगल की घेराबंदी कर भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को धर दबोचा गया।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली पिछले करीब दो दशकों से झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। उसके खिलाफ हत्या, पुलिस एवं सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट, सरकारी संपत्तियों को उड़ाने, लेवी वसूली और आम नागरिकों की निर्मम हत्या सहित 240 से अधिक मामले दर्ज हैं। अकेले गिरिडीह जिले में उसके खिलाफ 68 आपराधिक कांड दर्ज हैं, जबकि पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला सहित कई जिलों में भी उसके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में दस्ता सदस्य रहने के बाद वह संगठन का प्रभावशाली कमांडर बना और पारसनाथ, सारंडा तथा लुगू पहाड़ जैसे इलाकों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने में उसकी अहम भूमिका रही। उस पर पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की ह,त्या, सुरक्षा बलों पर हमले, सड़क निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को जलाने और आईईडी विस्फोट जैसी कई वारदातों का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह एस पी ने कहा कि यह अभियान पारसनाथ क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इस सफल अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार, कोबरा-209 के असिस्टेंट कमांडेंट आकिफ अहमद बानी, अन्य कोबरा अधिकारियों, पीरटांड़, मधुबन और खुखरा थाना की पुलिस तथा गिरिडीह जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कौन है अजय महतो उर्फ टाइगर?

नाम: अजय महतो उर्फ मोचू उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव।

गांव: नावाडीह, थाना पीरटांड़, जिला गिरिडीह।

संगठन: भाकपा (माओवादी) की स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य।

इनाम: ₹25 लाख।

नक्सली इतिहास

वर्ष 2005 के आसपास नक्सली संगठन से जुड़ा।

शुरुआत में दस्ता सदस्य, बाद में लेवी वसूली, हथियार और विस्फोटक जुटाने की जिम्मेदारी मिली।

पारसनाथ, झुमरा, सारंडा सहित कई जंगल क्षेत्रों में सक्रिय रहा।

संगठन में प्रभाव बढ़ने पर एरिया कमांडर और बाद में SAC सदस्य बना।

हत्या, लेवी, पुलिस मुखबिरों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सरकारी संपत्ति को नुकसान और सुरक्षाबलों पर हमलों में प्रमुख भूमिका निभाई।

आपराधिक रिकॉर्ड

झारखंड के विभिन्न जिलों में 240 से अधिक मामले दर्ज।

अकेले गिरिडीह में 68 केस।

पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में 107, बोकारो में 37, धनबाद में 15, हजारीबाग में 7, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला में भी मामले दर्ज।

प्रमुख वारदातें

सुरक्षाबलों पर कई घातक हमले।

पुलिस मुखबिर बताकर ग्रामीणों की हत्या।

आईईडी और बारूदी सुरंग विस्फोट।

रेलवे ट्रैक और सरकारी भवनों को उड़ाने की घटनाएं।

लेवी नहीं देने वालों की हत्या और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कई मामले।

पुलिस की नजर में उपलब्धि

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

गिरिडीह-पारसनाथ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती मिलेगी।

पुलिस ने अन्य नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की “नई दिशा-एक नई पहल” नीति का लाभ लेने की अपील की है।

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