Jamshedpur Big Breaking : हथियार के बल पर महिला से अप्राकृतिक यौनाचार करने के मामले में सीजीपीसी के पूर्व प्रधान की बेल हाईकोर्ट से रिजेक्ट

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जमशेदपुर।

कदमा की महिला से हथियार के बल पर बलात्कार और अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में जेल में बंद सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे की बेल गुरुवार को रांची हाईकोर्ट से रिजेक्ट हो गई. मुखे की ओर से जमानत याचिका पर न्यायधीश गौतम चौधरी की न्यायलय में सुनवाई हुई थी. जहां पीड़ित महिला की ओर से जमशेदपुर के अधिवक्ता अशोक कुमार और रांची हाईकोर्ट के अधिवक्ता शैलेश सिंह ने जोरदार बहस की. वहीं मुखे की ओर से अधिवक्ता आरएस मजुमदार फाइट कर रहे थे. इससे पूर्व जमशेदपुर कोर्ट से भी मुखे की जमानत रद्द हो चुकी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दी गई थी. पीड़ित के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को पुलिस की चार्जशिट का हवाला देते हुए कहा कि मुखे पर 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं. जो कि केस डायरी के 104 पैरा में अंकित है. इसके बाद न्यायधीश ने फैसला देते हुए मुखे की जमानत रद्द कर दी गई. जिसकी जानकारी अधिवक्ता अशोक कुमार ने दी.

चार माह से जेल में है मुखे, बेल रिजेक्ट होने से विरोधी गदगद

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मालूम हो कि 5 नवंबर 2022 को कदमा थाना में महिला ने 376, 377 धारा के तहत मामला दर्ज कराया था. 7 नवंबर को पीड़ित महिला का 164 के तहत पुलिस ने कोर्ट में बयान कराया, जिसमें पीड़िता ने प्राथमिकी का समर्थन किया था, जिसमें कहा था कि प्रधान रहते हुए वह मदद के लिए मुखे के पास गई थी. उसके बाद पावर और हथियार के बल पर मुखे ने उसका यौन शोषण करना शुरु किया. फिर एक बार उसे सबक सिखाने के लिए उसने वीडियो बना लिया, जिसे पुलिस को सौंप दिया था. उसके बाद मामले में मुखे आनन फानन सीजीपीसी दफ्तर से फरार हो गए. अखिरकार करीब चार महीने बाद 17 मार्च 2023 की रात कदमा पुलिस ने मुखे को उस वक्त धर दबोचा जब वह मर्सी अस्पताल में इलाज कराने के लिए आया था. इधर, मुखे की जमानत रद्द होने से विरोधी खेमा एक बार फिर गदगद हो गया है. समाज में इस मामले की चर्चा गुरुवार को जोरों से होती रही.

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