होमगार्ड जवान से हाथपाई का भी आरोप, MMC में हुई खेला पर लीपा-पोती करने में जुटे जिम्मेदार
पूर्व में भी भ्रष्टाचार के कई मामले हो चुके हैं उजागर, जेई की भी हो चुकी है पिटाई
चरणजीत सिंह.
जमशेदपुर में मानगो म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (MMC) में बुधवार शाम टेंडर प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितता को लेकर फिर जमकर बवाल हुआ. प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम 6.28 बजे यहां मेसर्स एसके इंजीनियर के ठेकेदार सुधीर कुमार सिंह उर्फ छोटू अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान वहां तैनात होमगार्ड जवान से जहां हाथपाई किये जाने की सूचना चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं दूसरी ओर सहायक नगर आयुक्त आकिब जावेद के चैम्बर के दरवाजे को लात मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया. इस दौरान आकिब जावेद और अन्य मौजूद इंजीनियरों से भी बहसबाजी हुई. सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले को MMC के हेड अकॉउंटेंट विजय तिवारी ने शांत कराया और अब उन्हें ही मामला रफा दफा करने की जिम्मेदारी दी गई है.
इस मामले की जानकारी लेने के लिए डीएमसी कृष्ण कुमार को फोन किया गया. उन्हें मैसेज भी किया गया, लेकिन उनका कोई पक्ष नहीं आया. हंगामा करने वाले ठेकेदार सुधीर कुमार सिंह को भी दो बार फोन मिलाया गया. उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. विजय तिवारी ने मामले पर लीपापोती करते हुए फतेह लाइव को बताया कि ठेकेदार नीचे आकर जोर से मोबाइल साउंड करके बजा रहे थे. होमगार्ड जवान ने मना किया तो थोड़ा हंगामा हुआ. उन्होंने साफ इनकार किया कि किसी टेंडर प्रक्रिया को लेकर यह कुछ हुआ है. खैर यह पूरा मामला कार्यालय के सीसीटीवी में कैद है. अगर जिले के वरीय अधिकारी इसपर निष्पक्ष संज्ञान लेते हैं तो बड़ा मामला उजागर हो सकता है. जैसा कि गत वर्ष नवंबर माह में फतेह लाइव ने बिना काम किये बिना 1.33 करोड़ की निकासी होने का मामला उठाया था. तत्कालीन डीसी अनन्या मित्तल ने मामले की जांच बैठाई. फिलहाल उस मामले में लम्बे समय से केवल एक जेई अभय नारायण सिंह को निलंबित किया गया, जबकि अन्य लोग बच निकले हैं. जिस ठेकेदार आशुतोष पांडे पर यह आरोप था, जो अब पुनः जेएनएसी में टेंडर प्रक्रिया में सेटिंग गेटिंग कर सक्रिय हो उठे हैं और 40 फीसदी बिलो पर काम लेने की जुगत गढ़ चुके हैं.
यह है मामला, जिसे लेकर हुआ बवाल
बुधवार को जिस बात को लेकर मानगो नगर निगम में हंगामा हुआ. सूत्र बताते हैं कि यहां पिछले दिनों 27 टेंडर बिना पब्लिश किये निकाले गए और सेटिंग गेटिंग कर चहेते पांच ठेकेदारों में बांट दिए गए, जो खेल सहायक नगर आयुक्त की देखरेख में हुआ. यह पूरा खेल कमीशन से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि अभी जो टेंडर खेल हुआ उसे 10 से 12 प्रतिशत में दिया गया है, जबकि निष्पक्ष टेंडर होने से लगभग 35 से 40 फीसदी बिलो जाते. बहरहाल, इस पूरे अनियमितता से हुए टेंडर का मानगो के एक बढ़े होटल में शिलान्यास कार्यक्रम हुआ था. इसमें क्षेत्र की जनता के सेवक समेत कई प्रतिनिधि मौजूद थे. कृष्ण कुमार, एई मयंक मिश्रा भी मौजूद थे. बता दें कि यह मयंक मिश्रा भी 1.33 करोड़ घोटाले की जांच के जद्द में है, जो मामला ईडी व अन्य एजेंसियों तक पहुंचा हुआ है. मामले की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किये जाने से जनता में रोष बना हुआ है.
(नोट – मानगो नगर निगम में भ्रष्टाचार से जुड़े पुराने और नए मामले को लेकर अगली विस्तृत रिपोर्ट जल्द.)
