- डॉ. पवन पांडेय ने झारखंड में प्रमाण-पत्र जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया
फतेह लाइव, रिपोर्टर
7 मई को एनसीपी पार्टी की बैठक मानगो में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जातिगत जनगणना पर चर्चा करना था. बैठक में एनसीपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता डॉ. पवन पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उन्होंने बैठक में कहा कि भारत में लगभग 20,000 भाषाएं और 4,000 जातियां और उपजातियां बोली जाती हैं. संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है और विकास में सभी को समान रूप से जोड़ने की व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार होगा जब देश में जातिगत जनगणना की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य एसटी, एससी और ओबीसी वर्गों को सही गणना करके उन्हें संविधान में निर्धारित अधिकार प्रदान करना है.
इसे भी पढ़ें : Giridih : श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन भक्तों की उमड़ी भीड़
डॉ. पवन पांडेय ने जातिगत जनगणना के उद्देश्य को स्पष्ट किया
डॉ. पांडेय ने आगे कहा कि यह जातिगत जनगणना तब तक प्रभावी नहीं हो पाएगी जब तक झारखंड में रहने वाले अन्य प्रदेशों के लोग जिनके पास जाति प्रमाण पत्र नहीं हैं, उन्हें अधिकार नहीं मिल जाते. कई लोग जो रोजगार की तलाश में बिहार और झारखंड में आए थे, वे अब भी झारखंडी नहीं माने जाते और उन्हें सामान्य श्रेणी में रखा जा रहा है. इस वजह से उनका संविधानिक अधिकार प्राप्त नहीं हो पा रहा है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि जातिगत जनगणना शुरू करने से पहले उन लोगों को प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं, जिनके पास इसका अभाव है.
इसे भी पढ़ें : Palamu : बसडीहा में संदिग्ध व्यक्ति गिरफ्तार, माओवादी संगठन से जुड़े होने का संदेह
झारखंड में प्रमाण-पत्र जारी किए बिना जातिगत जनगणना की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बैठक में उपस्थित नेताओं ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो एनसीपी युवा मोर्चा पूरे राज्य में एक आंदोलन शुरू करेगा. यह आंदोलन विशेष रूप से उन एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के लोगों के लिए होगा जिनके पास जाति प्रमाण-पत्र नहीं है. इस दौरान अनवर हुसैन, मोहम्मद रिजवान, तेजपाल सिंह, टोनी मनोज मलहान, ललित ढिंगरा, नागा यादव समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित थे. नेताओं ने इस मुद्दे पर जल्द ही कार्रवाई की मांग की और यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.









































