फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय द्वारा मेयर सुधा गुप्ता पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रस्तावित महिला कांग्रेस का आंदोलन मेयर सुधा गुप्ता की अपील के बाद वापस ले लिया गया। इसके साथ ही इस विवाद का फिलहाल पटाक्षेप हो गया।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने प्रेस वार्ता में बताया कि धरना कार्यक्रम के बाद विधायक सरयू राय की टिप्पणी न केवल मेयर सुधा गुप्ता बल्कि महिला नेतृत्व और समस्त महिलाओं के सम्मान के खिलाफ थी। उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस प्रकार की टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
नलिनी सिन्हा ने बताया कि महिला कांग्रेस इस मामले को झारखंड विधानसभा अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग तक ले जाने के साथ-साथ पूरे जमशेदपुर में अभियान चलाने की तैयारी कर रही थी। हालांकि, मेयर सुधा गुप्ता ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए आग्रह किया कि विधायक सरयू राय वरिष्ठ और अभिभावक तुल्य हैं तथा संभव है कि उनसे यह टिप्पणी अनजाने में हुई हो। उन्होंने विवाद को यहीं समाप्त करने की अपील की।
मेयर की इस भावनात्मक अपील का सम्मान करते हुए महिला कांग्रेस ने अपना प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। हालांकि संगठन ने विधायक सरयू राय से भविष्य में महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखते हुए इस प्रकार की टिप्पणियों से बचने का आग्रह किया।
महिला कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि धरना के दौरान मेयर सुधा गुप्ता स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर विधायक सरयू राय को प्रणाम किया था तथा सभी के लिए पानी और लड्डू की व्यवस्था कराई थी, जो राजनीतिक शालीनता और संस्कार का परिचायक है।
प्रेस वार्ता में नलिनी सिन्हा के अलावा शिल्पी चक्रवर्ती, कल्पना सेन, अपर्णा गुहा, रजनी बंसल, रीता शर्मा, श्रबनी भट्टाचार्य, सुनीता तिर्की, कंचन देवी सहित अन्य महिला कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थीं।










