2 अगस्त की रात रेलवे कंटेनर यार्ड के पास मारी गई थी गोली, कोलकाता में इलाज के दौरान हुई मौत
बर्मामाइंस में सड़क जाम कर परिजनों ने की थी आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
फतेह लाइव, जमशेदपुर।
बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे कंटेनर यार्ड के पास 2 अगस्त की रात गोली मारकर गंभीर रूप से घायल किए गए एमडी आफताब आलम की कोलकाता में इलाज के दौरान मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने कांड के मुख्य शूटर शहबाज उर्फ मो. शहबाज उर्फ भोंदू और मो. रेहान उर्फ अब्दुल रेहान को गिरफ्तार किया है। इनके साथ दो विधि-विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है। वहीं, अनुसंधान में मिले साक्ष्यों के आधार पर अप्राथमिकी अभियुक्त शेख रहीम को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्तौल, 7.65 एमएम की दो जिंदा गोलियां, एक मैगजीन और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

2 अगस्त की रात रेलवे कंटेनर यार्ड के पास चली थी गोली
पुलिस के अनुसार 2 अगस्त 2026 की रात बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे कंटेनर यार्ड के पास एमडी आफताब आलम को जान मारने की नीयत से गोली मारी गई थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आफताब की मौत की खबर जमशेदपुर पहुंचते ही बर्मामाइंस मुस्लिम बस्ती में आक्रोश फैल गया था।
मौत के बाद बर्मामाइंस में सड़क जाम, आरोपी की गिरफ्तारी की भी मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन
आफताब की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए थे। लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। मौके पर पहुंचे डीएसपी विधि-व्यवस्था सुमित कुमार ने परिजनों और बस्तीवासियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चाचा सहित अन्य लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। नशा मुक्ति अभियान से जुड़े लोगों को भी धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया था।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस को दो दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर वे शव को लेकर बर्मामाइंस थाना के समक्ष धरना देंगे। डीएसपी के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ था।
एसआईटी ने बंद पड़े बैचिंग प्लांट में की छापेमारी
घटना के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन तथा डीएसपी विधि-व्यवस्था और डीएसपी नगर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। 6 अगस्त की रात गुप्त सूचना के आधार पर एसआईटी ने बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के एक बंद पड़े बैचिंग प्लांट में छापेमारी की। यहां से पुलिस ने कांड के मुख्य शूटर शहबाज उर्फ मो. शहबाज उर्फ भोंदू और मो. रेहान उर्फ अब्दुल रेहान को गिरफ्तार किया। इनके साथ दो विधि-विरुद्ध किशोरों को भी निरुद्ध किया गया। पूछताछ और अनुसंधान में मिले साक्ष्यों के आधार पर शेख रहीम को चुनाभट्ठा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले में पूर्व में भी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और वाहन बरामद किए हैं। बरामद सामान में एक देशी पिस्तौल, 7.65 एमएम की दो जिंदा गोलियां, एक मैगजीन तथा हीरो कंपनी की दो काले रंग की मोटरसाइकिल शामिल हैं। मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन नंबर JH05EA8066 और JH05BJ2902 बताए गए हैं।
मुख्य शूटर का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार करीब 20 वर्षीय शहबाज उर्फ मो. शहबाज उर्फ भोंदू के खिलाफ बर्मामाइंस, परसुडीह और सिदगोड़ा थाना में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2025 और 2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, करीब 19 वर्षीय मो. रेहान उर्फ अब्दुल रेहान के खिलाफ भी बर्मामाइंस, परसुडीह और सिदगोड़ा थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पहले भी चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
अफताब आलम गोलीकांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार इस कांड में इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। ताजा कार्रवाई में मुख्य शूटर समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और दो विधि-विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किए जाने के बाद मामले की जांच को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
एसआईटी में शामिल रहे ये अधिकारी
छापेमारी दल में डीएसपी विधि-व्यवस्था सुमित कुमार, डीएसपी नगर संजीव कुमार, बर्मामाइंस थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद, जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी, बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरंजन कुमार सहित बर्मामाइंस थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
















