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Kharsawan : खरसावां में ओत गुरू कोल लाको बोदरा की 105 वीं जयंती मनाई  गई

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हो भाषा के लिए कोल लाको बोदरा का योगदान ऐतिहासिक-जोबा

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

खरसावां के जनजातीय कला-संस्कृति भवन में गुरूवार को आदिवासी हो समाज महासभा खरसावां के द्वारा पारंपरिक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ओत गुरू कोल लाको बोदरा का जयती मनाई गई। जयती समारोह में पहुचे पश्चिमी सिंहभूम की सांसद जोबा माझी,खरसावां विधायक दशरथ गागराई, समाजसेवी बांसती गागराई,प्रमुख मनेन्द्र जामुदा आदि ने विधायक मद से निर्मित ओत गुरू कोल लाको बोदरा की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही बारी-बारी से हो समाज के लोगों ने ओत गुरू कोल लाको बोदरा को श्रद्वाजंलि दी गई।

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वही वारंग क्षिति लिपि को जन-जन तक पहुचाने का संक्लप लिया। मौके पर सांसद जोबा माझी ने कहा कि भाषा संस्कृति के विकास को लेकर राज्य सरकार संकल्पित है। इसी के तहत क्षेत्रीय भाषा में कैसे प्राईमरी स्तर से पढाई हो सके सरकार यह प्रयास कर रही है। सांसद ने कहा कि भाषा एवं संस्कृति ही हमारी पहचान है। इसे आगे बढाना हम सबों का दायित्व है। वारंग क्षिति लिपि के जनक ओत गुरु को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में संकल्प के साथ वारंग क्षिति लिपि को गांव-गांव व घर-घर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

इस दौरान ने सामाजिक विकास पर बल दिया। वही खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि आने वाला समय सरायकेला खरसावां जिले की पहचान वारंग क्षिति लिपि से होगी। इसके लिए शिक्षा पर जोर देने की आवश्यकता है। ओत गुरू हो समाज के लिपि वारांग क्षिति के जनक है। उनका सारा जीवन आदिवासी समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होने भाषा-लिपि, धर्म-दस्तूर आदि की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साथ ही पारपंरिक सांस्कृतिक नृत्य व संगीत की प्रस्तुती देकर समाज की वाहवाही लूटी। इस दौरान हो भाषा वारंग क्षिति लिपि के मैट्रिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 15 विद्यार्थियों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से पश्चिमी सिंहभूम की सांसद जोबा माझी,खरसावां विधायक दशरथ गागराई,समाजसेवी बांसती गागराई,प्रमुख मनेन्द्र जामुदा,मुखिया सुनीता तापे,मुखिया मंगल सिंह जामुदा,खरसावां विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विनोद बिहारी कुजूर,रानी हेम्ब्रम,मनोज सोय,अनुप सिंहदेव,रामलाल हेम्ब्रम,सलेन सोय,नागेन सोय,अजय सामड आदि उपस्थित थे।

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