जांच को प्रभावित करने का खेल रचने में कई गलतियां हो रही, एई, जेई और ठेकेदार को बचाने की कोशिश जारी
फतेह लाइव, रिपोर्टर.


जमशेदपुर के मानगो नगर निगम क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग से निकाली गई विभिन्न चार योजनाओं का करीब 1.33 करोड़ से ज्यादा काम पूर्ण किये बगैर ही ठेकेदार को राशि का भुगतान कर दिया गया है. इनमें दो योजना ऐसी भी है, जिसमें काम शुरु भी नहीं हुआ था. नगर निगम में हुए खेल ने झारखंड सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के भी राजस्व को चूना लगाने का काम किया है. इसका खुलासा फतेह लाइव ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर गत 22 अक्टूबर के प्रकाशन में किया था. घोटाले की लगातार कड़ी की किस्त छपने पर डीसी अनन्य मित्तल ने गंभीरता दिखाते हुए जांच टीम गठित की थी.

आज बुधवार 26 नवंबर को जांच टीम का गठन किये हुए पूरा एक माह हो गया. जांच टीम ने नगर निगम से उक्त योजना से सम्बंधित अभिलेख की मांग की थी. उक्त अभिलेख लेने के बाद जांच टीम ने चुप्पी साध ली. एक माह में एक बार भी योजनास्थल का जायजा नहीं लिया. नतीजा यह रहा कि इस एक माह की अवधि में मामले के आरोपितों को खुद को बचाने का पूरा मौका मिल गया. बालीगुमा में पुराना कृषि भवन के पास नगर निगम की मैन पावर को लगाकर काम कराने की योजना थी, जिसकी शिकायत सरयू राय को हुई. डीसी को भी की गई. तब काम को रोक दिया गया था. लेकिन उसके बाद भी जांच टीम ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका नतीजा रहा कि मानगो गुरुद्वारा रोड लाली गली से अनुग्रह नारायण स्कूल तक पेवर ब्लॉक बिछाने का काम दो दिनों से चल रहा है.

नगर निगम खुद ठेकेदार की भूमिका निभा रहा है. आपने कर्मचारियों से लेकर वाहन की सुविधा के साथ काम कराया जा रहा है. अब इस पूरे मामले में यह उंगली उठना लाजमी है कि क्या जांच कमेटी से आरोपितों की सेटिंग हो गई है? इस मामले में डीसी अनन्या मित्तल से बात की गई. उन्होंने कहा कि वे चुनाव कार्य में लगे थे. जांच अधिकारी भी शायद उसी में व्यस्त रहे हैं. वे खुद मामले को देखेंगे. अगर काम अभी किया गया है तो इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं क्षेत्र के नए विधायक सरयू राय ने मामले पर कहा कि यह गंभीर मामला है.

पूरे मामले को मैं खुद अध्यन करूंगा और और देखूंगा. बहरहाल, इस झारखंड में हुए आपने आप में इस तरह के पहले घोटाले में डीसी को शिकायत की गई थी. उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. मानगो निवासी रंजीत शर्मा ने बताया कि अगर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी.
यह है मामला
जानकारी के अनुसार 14 माह पूर्व उप नगर आयुक्त सुरेश यादव के द्वारा ई-ई-निविदा निमंत्रण सूचना UDHD/MMC/03/2023-24 तारीख 29 अप्रैल 2023 को विभिन्न योजना का चार टेंडर निकाला गया. ये चारों टेंडर आशुतोष कुमार पांडे नामक ठेकेदार ने 28.99 प्रतिशत बिलो में प्राप्त किया. इस कार्य को बीओक्यू (बिल ऑफ क्वांटीटिस) के द्वारा छह माह में कार्य को संपन्न करना था. कार्य समय पर नहीं करने पर 10 प्रतिशत काटकर पेमेंट किया जाना होता है. यहां तो कार्य हुआ भी नहीं और 1.3396700. करोड़ रुपये का छह माह पूर्व ही विभाग से राशि की निकासी हो गई, जो जांच का विषय है. अगर निष्पक्ष जांच हुई तो यह राशि और भी बढ़ सकती है.

ये है योजना स्थल और वहां की वस्तुस्थिति (खबर छपने के पहले की)
बालीगुमा कृषि विभाग ऑफिस से लेकर पावर ग्रिड सब स्टेशन तक पेवर्स ब्लॉक पथ निर्माण कार्य. (फतेह लाइव की पड़ताल में यह बात सामने आई कि यहां काम हुआ ही नहीं.) (इसकी लागत-28 लाख की थी.)
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न्यू वाटिका ग्रीन सिटी से लेकर गंगा कॉम्प्लेक्स तक पेवर्स ब्लॉक पथ निर्माण कार्य (यहां भी काम हुआ ही नहीं.) (लागत-28 लाख)
लक्ष्मण नगर में मनोज स्टोर से लेकर स्वर्णरेखा नदी तक पेवर्स ब्लॉक पथ निर्माण कार्य. (लोगों ने बताया कि एक सप्ताह पहले यह कार्य तीस प्रतिशत हुआ, लेकिन विभाग के द्वारा पेमेंट पूरा हो गया) एवं मानगो गुरुद्वारा रोड से क्रॉस रोड पुराना अनुग्रह नारायण स्कूल से लेकर लाली सिंह रोड तक. (अभी कार्य शुरु हुआ है) . (लागत-39 लाख 7 हजार 280 रुपये.)

आजादनगर में रोड नंबर नौ में पेवर्स ब्लॉक पथ का निर्माण कार्य. (यहां 50 प्रतिशत कार्य हुआ, लेकिन राशि पूरी निकासी हो गई). (लागत-38 लाख 7 हजार 280 रुपये)
