वीणापाणि हाई स्कूल में विद्यार्थियों को मोबाइल की लत, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति किया जागरूक; नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया सामाजिक संदेश
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कदमा, जमशेदपुर के एनएसएस यूनिट-1 के विशेष शिविर के तीसरे दिन गोद लिए गए ग्राम धनचटानी स्थित वीणापाणि हाई स्कूल में विद्यार्थियों के लिए योग, विज्ञान, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस यूनिट-1 की प्रोग्राम ऑफिसर पूनम कुमारी के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह योग सत्र से हुई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न सरल योगासन और योगाभ्यास कराए। नियमित योग से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित होने की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। बच्चों ने उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लिया।
इसके बाद विज्ञान को रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई गईं। दर्पण की सहायता से प्रकाश के परावर्तन के माध्यम से इंद्रधनुष बनाने का प्रयोग कराया गया। विद्यार्थियों को प्रकाश के परावर्तन और विभिन्न रंगों के बनने की प्रक्रिया सरल तरीके से समझाई गई।
घनत्व और उत्प्लावन से जुड़े प्रयोग के तहत पानी में नींबू डालकर तथा उसमें नमक मिलाने के बाद होने वाले परिवर्तन को भी विद्यार्थियों के सामने प्रदर्शित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तर्कशील सोच और प्रयोग के माध्यम से सीखने की रुचि विकसित करना था।
भोजन वितरण में स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
मध्याह्न भोजन के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने भोजन वितरण और विद्यार्थियों के बीच अनुशासन बनाए रखने में विद्यालय परिवार का सहयोग किया। स्वयंसेवकों ने सेवा और सहयोग की भावना के साथ पूरी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई।
नुक्कड़ नाटक से मोबाइल की लत और महिला सुरक्षा का संदेश
मध्याह्न भोजन के बाद विद्यार्थियों के बीच मोबाइल की लत एवं उसके दुष्प्रभाव और महिला सुरक्षा एवं सम्मान जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।
महिला सुरक्षा एवं सम्मान पर आधारित नाटक के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, उनकी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। स्वयंसेवकों ने बताया कि महिला सुरक्षा केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मोबाइल की अत्यधिक लत के दुष्प्रभावों को भी नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने रखा गया और मोबाइल के संतुलित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों की हुई नेत्र जांच
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए नेत्र जांच शिविर भी आयोजित किया गया। बच्चों की आंखों की जांच करने के साथ उन्हें नेत्रों की स्वच्छता और उचित देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। मोबाइल और अन्य स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से आंखों पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
विशेष शिविर के दौरान वीणापाणि हाई स्कूल परिसर ही एनएसएस स्वयंसेवकों के ठहरने तथा विभिन्न सामुदायिक, शैक्षणिक और जागरूकता गतिविधियों के संचालन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग रहा।
पूरे कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों की सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना देखने को मिली। एनएसएस के आदर्श वाक्य “Not Me But You” (मैं नहीं, आप) को सार्थक करते हुए स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास में योगदान दिया।
धनचटानी में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, स्वयंसेवकों को भी ग्रामीण समुदाय और विद्यालय के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर सेवा एवं जागरूकता कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिला।




































