WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

The chairman’s foreign trip : टुन्नू चौधरी फिनलैंड गए, दस दिन सपरिवार रहे, मगर अपने खर्च पर

SHARE:

मजदूर राजनीति की रोजाना की झकझक से दूर यूरोपीय टूर से हो गए तरोताजा

टाटा स्टील के सीईओ समेत शीर्ष प्रबंधन को बताई नए साल की प्राथमिकता

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

टाटा स्टील के मान्यता प्राप्त मजदूर संगठन टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी यूरोपीय देश फिनलैंड की यात्रा से वापस आए तो बिल्कुल तरोताजा हो गए. मजदूर राजनीति की रोजाना की झकझक से दूर रहकर टुन्नू चौधरी ने दस दिन तक स्वजन के साथ फिनलैंड को देखा, समझा और जाना. परिवार के चार लोगों ने वहां के पर्यावरण, नागरिक सुविधा, बेहतरीन मौसम का आनंद लिया. नए साल के ठीक पहले फिनलैंड से उनकी वापसी हुई. नए साल पर टाटा स्टील के प्रमुख विभागों में सीईओ सह एमडी और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष केक काटकर चुनौती और संभावना पर अपनी राय सार्वजनिक करते हैं.

टाटा स्टील के सेफ्टी विभाग में यूनियन अध्यक्ष टुन्नू चौधरी गए तो उन्होंने टाटा स्टील द्वारा कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में चल रहे प्रयास के प्रसंग पर चर्चा की. इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि वे फिनलैंड गए थे. बहुत खुशहाल देश है वो. वहां लोग टेप वाटर यानी नल से जल नहीं पीते हैं तो शासन को चिंता होने लगती है. लोग बोतल बंद पानी का उपयोग नहीं करते. मजाकिया अंदाज में टुन्नू बोले कि फिनलैंड गए थे मगर अपने खर्च पर.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads
नए साल पर टाटा स्टील के सेफ्टी विभाग में सीईओ सह एमडी टी वी नरेंद्रन के साथ टुन्नू चौधरी और संतोष सिंह

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी नए साल के पहले पत्नी रेणुका चौधरी और दो पुत्रियों के साथ फिनलैंड की यात्रा पर गए थे. एक जनवरी के पहले वो वापस आए क्योंकि टाटा स्टील के केक कटिंग समारोह में प्रबंधन और यूनियन के शीर्ष प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होती है. पहली जनवरी को टाटा स्टील प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधि सारे लोगों को आगे की राह के बारे में संदेश देते हैं.

यूनियन प्रतिनिधि कंपनी प्रबंधन की जरूरतों को सुनते हैं, अपनी बातें भी सुनाते हैं. यदि लौहनगरी की बात करे तो ईस्टर्न ट्रेवल्स समेत कुछेक ऐसे संस्थान हैं जो देश के भीतर के अलावा यूरोपीय समेत और देशों की टूर की व्यवस्था कराते हैं. ईस्टर्न ट्रेवल्स टाटा स्टील समेत कई कारपोरेट हाउस का वेंडर पार्टनर है.

खुशहाली महसूस करनी है तो फिनलैंड जाइए

फिनलैंड विश्व के खुशहाल देशों में एक है. यह उत्तर यूरोप का नार्डिक देश है जो झील और जंगलों से भरा है. सवा दो लाख झीलें हैं. इसकी सीमाएं स्वीडन, नार्वे और रूस से लगी हुई हैं. आबादी 56 लाख है. नॉकिया और एंग्री बर्ड जैसे ब्रांड यही के हैं. भ्रष्ट्राचार बेहद कम है. शिक्षा प्रणाली, खुशहाली और उत्तरी रोशनी के लिए यह विशेष तौर पर प्रख्यात है. बच्चों को सात साल की उम्र में स्कूल भेजा जाता है. शिक्षा मुफ्त है. फिनलैंड की राजधानी हेलसिकी है. आधिकारिक भाषाएं फिनिश और स्वीडिश है. काफी का सेवन अधिक होता है. हेलसिंकी, लैपलैंड जैसे पर्यटन स्थल आकर्षण का केंद्र है.

लैपलैंड में सांता क्लाज का घर है, जहां मध्य रात्रि का सूरज और उत्तरी रोशनी को देखा जा सकता है. यहां की मुद्रा यूरो है. यह यूरोपीय संघ में सबसे कम जनसंख्या घनत्व का देश है. यहां का मौसम बेहद सुहावना है. गर्मी के मौसम में रात 12 बजे के बाद हल्का अंधकार होता है. सर्दियों की बात करे तो दिन में भी अधिकांश समय अंधकार रहता है. दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हो जाय तो सब बमबम.

उत्पादकता पर दुर्गा का रूप लेने वाली अतरई सान्याल को वेज पर मां लक्ष्मी बनना होगा

खुशहाल देश फिनलैंड की खुशनुमा यात्रा से आए संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी को पता है कि इस साल उनके नेतृत्व में वेज रिवीजन का समझौता होना है. पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह के उनके डिप्टी रहते ऐतिहासिक वेज समझौता हुआ था. टुन्नू के अध्यक्ष चुने जाने का बड़ा कारण वेज पर उनसे कर्मचारियों की अपार उम्मीदें रही हैं. सो, वर्क्स जनरल ऑफिस में हुए प्रमुख केक कटिंग समारोह में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर ख्वाहिश भी जताई कि प्रस्तावित वेज रिवीजन ऐसा हो कि टाटा स्टील का हर कर्मचारी खुशहाल हो जाय.टुन्नू बोले कि सीईओ सह एमडी टी वी नरेंद्रन अब जमशेदपुर में कम वक्त रह पाते हैं. वेज रिवीजन का समझौता होना है. एचआरएम प्रमुख अतराई सान्याल उत्पादकता के मसले पर मां दुर्गा बन जाती हैं. वेज के मसले पर उन्हें मां लक्ष्मी ही बनना होगा.

स्वीकारा कि टाटा स्टील में कर्मचारी कम होंगे, यूनियन का संविधान संशोधन प्रिय काम नहीं

यूरोप यात्रा से आए टुन्नू का मन मिजाज शांत हो गया था. सो, उन्होंने नए साल पर कुछ बातें साफगोई से कही. टुन्नू चौधरी ने किस्सा कहानी से हट कर सीधे मुद्दों पर बात की. वर्क्स जनरल ऑफिस में बोले कि अब टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट का और बहुत विस्तारीकरण नहीं हो सकता. यह दुनिया का ऐसा प्लांट है जिसके चारों ओर शहर बसा हुआ है. विस्तारीकरण नहीं होगा तो भविष्य में टाटा स्टील में कर्मचारी कम होंगे. इसलिए टाटा वर्कर्स यूनियन का आकार कम करने की बात आई. इसके लिए यूनियन का संविधान संशोधन करना पड़ा है जिसे प्रिय काम नहीं कहा जा सकता. इशारा साफ था कि कॉमन ग्रेड स्ट्रक्चर के कारण भविष्य में कर्मचारी कम होते जाएंगे.

आरबीबी बाबू ट्रेड अप्रेंटिस से मुखिया बने थे, तभी खुद के लिए अध्यक्ष का लक्ष्य तय कर लिया था

संजीव कुमार चौधरी ने एसएनटीआई में भी केक से मुंह मीठा किया. वहां उन्होंने मन की बात कही जो कही न कही सबके मन में गहरी टीस भी छोड़ गई. उन्होंने कहा कि वे ट्रेड अप्रेंटिस से ही टाटा स्टील में आए है. उनके कई साथी हेड और चीफ बन गए. 2002 में ही उन्होंने टाटा वर्कर्स यूनियन में शुरुआत की थी. उस समय ट्रेड अप्रेंटिस से नौकरी में आए आरबीबी बाबू अध्यक्ष चुने गए थे. उसी वक्त उन्होंने भी लक्ष्य तय किया था कि यूनियन अध्यक्ष बनना है. टुन्नू ने अपना सच जरूर बताया. यह कड़वा सच भी छोड़ गए कि उनके यूनियन अध्यक्ष रहते टाटा स्टील में ट्रेड अप्रेंटिस के तहत बहाली बंद हो गई है.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर