Breaking News
Bank Fraud: JSCB घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, झारखंड-ओडिशा के 7 ठिकानों पर छापेमारी Maoist Surrender: 2.20 करोड़ का इनामी माओवादी असीम मंडल सरेंडर, मिसिर बेसरा के बाद संगठन के बड़े चेहरों में था शामिल Gunfire: दरवाजा खुलते ही बरसने लगीं गोलियां! बोकारो में बुजुर्ग दंपति की हत्या, बेटे को भी 3 गोलियां लगीं Gunfire: दरवाजा खुलते ही बरसने लगीं गोलियां! बोकारो में बुजुर्ग दंपति की हत्या, बेटे को भी 3 गोलियां लगीं Crop Loss: बिहार में बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ी, 270 करोड़ की फसल बर्बाद! भागलपुर सबसे ज्यादा प्रभावित TMC Symbol War: TMC का नाम-चिन्ह छिना तो सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता, EC के फैसले को दी चुनौती; अब ‘घासफूल’ की लड़ाई अदालत में
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

The Sikhs of Kolhan : गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व आज गुरुवार को, कोल्हान के 34 गुरुद्वारों में जुटेगी लाखों संगत

SHARE:

शहीदी दिवस पर विशेष दीवान, कीर्तन, अरदास और गुरु का अटूट लंगर होगा आयोजित, गुरु घर में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज का पावन शहीदी दिवस 18 जून को पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। इसी क्रम में झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के 34 गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। शहीदी पर्व को लेकर सभी गुरुद्वारों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

गुरु अर्जुन देव जी को सिख इतिहास में प्रथम शहीद गुरु के रूप में जाना जाता है। उन्होंने धर्म, मानवता, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनकी शहादत को सिख समाज त्याग, सेवा और समर्पण के प्रतीक के रूप में याद करता है।

Gambhir Car Associate Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

कोल्हान के प्रमुख गुरुद्वारों में 18 जून की सुबह से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का भोग, शब्द-कीर्तन, कथा-कीर्तन, अरदास और गुरु का अटूट लंगर आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालु गुरु साहिब के जीवन, उपदेशों और बलिदान को स्मरण करते हुए मानवता की सेवा का संकल्प लेंगे।

इन प्रमुख गुरुद्वारों में होंगे विशेष कार्यक्रम

कोल्हान क्षेत्र के प्रमुख गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से साकची गुरुद्वारा साहिब, गुरुद्वारा सिंह सभा, बिष्टुपुर, गुरुद्वारा टुइलाडुंगरी, गुरुद्वारा सोनारी, गुरुद्वारा बिरसानगर, गुरुद्वारा सीतारामडेरा, गुरुद्वारा मानगो, गुरुद्वारा गम्हरिया, गुरुद्वारा चाईबासा तथा गुरुद्वारा घाटशिला समेत कोल्हान के कुल 34 गुरुद्वारों में संगत की भारी उपस्थिति रहेगी।

धार्मिक दिवान में रागी जत्थों द्वारा गुरु अर्जुन देव जी की वाणी का गायन किया जाएगा। इसके अलावा संगत को गुरु साहिब के जीवन दर्शन, सेवा भावना और शहादत के महत्व से अवगत कराया जाएगा।

गुरु अर्जुन देव जी की शहादत क्यों है विशेष?

गुरु अर्जुन देव जी सिखों के पांचवें गुरु थे।

उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने आदि ग्रंथ का संकलन कर सिख धर्म को एक मजबूत आधार प्रदान किया।

वर्ष 1606 में धर्म और मानवता की रक्षा के लिए उन्होंने असहनीय यातनाएं सहते हुए शहादत प्राप्त की।

सिख इतिहास में उन्हें प्रथम शहीद गुरु के रूप में सम्मानित किया जाता है।

उनकी शहादत सेवा, सहनशीलता, सत्य और मानवता के लिए समर्पण की प्रेरणा देती है।

समाज में शांति, भाईचारे और सेवा का संदेश

शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष रूप से मानव सेवा, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा। संगत के लिए ठंडे मीठे जल की छबील, शरबत वितरण और लंगर सेवा का भी आयोजन किया गया है। विभिन्न स्थानों पर युवाओं और सेवादारों की टीमें व्यवस्था संभालेंगी।

सिख समाज के प्रतिनिधियों ने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से कार्यक्रमों में शामिल होकर गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन आज भी पूरी मानवता को प्रेम, सहिष्णुता और सेवा का संदेश देता है।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर