राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर दुर्गोत्सव के आयोजन तक रही सक्रिय भागीदारी
शनिवार को दोपहर एक बजे निकलेगी अंतिम यात्रा, स्वर्णरेखा घाट पर होगा अंतिम संस्कार
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर के काशीडीह की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में लंबे समय तक अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने वाले निर्भय सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। भाजपा के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह के छोटे भाई निर्भय सिंह (52) ने शुक्रवार दोपहर टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में अंतिम सांस ली। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में आईसीयू में उपचार चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह काशीडीह स्थित आवास पर निर्भय सिंह ने सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत की। परिजन तत्काल उन्हें टीएमएच ले गए। जांच के बाद हृदयाघात की स्थिति सामने आई। इलाज के दौरान उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार, परिचितों और शुभचिंतकों के बीच शोक का माहौल बन गया।
पिता के साथ अयोध्या आंदोलन में निभाई थी भूमिका
निर्भय सिंह का पारिवारिक जुड़ाव सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से पुराना रहा है। उनके पिता ठाकुर धुरंधर सिंह विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष थे। वर्ष 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान निर्भय सिंह अपने पिता के साथ अयोध्या पहुंचे थे और कारसेवा में भाग लिया था। इस आंदोलन से जुड़े घटनाक्रमों के बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ा था।
पिता से मिली सामाजिक सक्रियता की विरासत को उन्होंने आगे बढ़ाया। काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह-धुरंधर सिंह क्लब की जिम्मेदारी लंबे समय तक उनके पास रही। दुर्गापूजा के दौरान क्लब की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। इस आयोजन की पहचान जमशेदपुर से आगे कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों तक रही है।
भाइयों के सामाजिक सफर में भी रहे सहभागी
अभय सिंह और दिलीप सिंह के साथ निर्भय सिंह की सामाजिक गतिविधियों में लगातार भागीदारी रही। परिवार के सार्वजनिक जीवन और सामाजिक सरोकारों में उनका योगदान रहा। उनके आकस्मिक निधन से परिवार ने अपना एक महत्वपूर्ण सदस्य खो दिया है, वहीं काशीडीह के सामाजिक परिवेश में भी यह खबर गहरे दुख के साथ पहुंची है।
काशीडीह आवास पर जुटे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोग
निधन की सूचना मिलने के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए काशीडीह स्थित आवास पर कई प्रमुख लोग पहुंचे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, चम्पाई सोरेन, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू और वरिष्ठ नेता अमरप्रीत सिंह काले समेत विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल रहे।
परिजनों के मुताबिक, फिलहाल पार्थिव शरीर को टीएमएच के शीतगृह में रखा गया है। शनिवार को दोपहर एक बजे काशीडीह स्थित आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद स्वर्णरेखा बर्निंग घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।


































