जमशेदपुर। मानगो अंचल प्रशासन ने सुवर्णरेखा नदी किनारे सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यक्ति को अंतिम नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 4 अगस्त 2026 को दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अंचल अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, इस मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। प्रशासन ने बताया कि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 सितंबर 2024 को अंतिम आदेश पारित किया गया था। आदेश में संबंधित व्यक्ति को 14 दिनों के भीतर सरकारी भूमि खाली कर उसे अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया था।
प्रशासन के अनुसार, निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद 14 दिसंबर 2024 को दूसरी बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने और संभावित कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अब तक सरकारी भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
अब मानगो अंचल प्रशासन ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि संबंधित व्यक्ति 4 अगस्त 2026 से पहले स्वयं अतिक्रमण हटा ले। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन बिना किसी अतिरिक्त सूचना के विधिसम्मत कार्रवाई करेगा।
नोटिस में कहा गया है कि 4 अगस्त को दंडाधिकारी, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान यदि प्रशासन को किसी प्रकार का खर्च वहन करना पड़ता है तो उसकी वसूली भी संबंधित व्यक्ति से की जा सकती है। इसके अलावा आवश्यकतानुसार अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मानगो अंचल प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप अपनाई गई है। संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया गया, समय-समय पर नोटिस जारी किए गए और पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होने के कारण अब कार्रवाई अपरिहार्य हो गई है।
प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए निर्धारित तिथि के बाद बिना किसी ढिलाई के अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने संबंधित व्यक्ति से अपील की है कि वह स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर प्रशासनिक कार्रवाई और अतिरिक्त कानूनी दायित्वों से बचे।










