जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता और उनके जीजा के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष गुंजन यादव अपने समर्थकों के साथ अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए और घटना में शामिल होमगार्ड जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।
भाजपा नेता गुंजन यादव ने आरोप लगाया कि भुइयांडीह लकड़ीटाल निवासी भाजपा कार्यकर्ता मनीष शर्मा अपनी गर्भवती भांजी के इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन से शिकायत कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों ने उनके और उनके जीजा के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। उनका आरोप है कि दोनों को बेरहमी से पीटा गया।
गुंजन यादव ने दावा किया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब वे अस्पताल पहुंचे तो 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने उनसे भी पूछताछ के नाम पर अभद्र व्यवहार किया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जान बचाने के लिए उन्हें इधर-उधर भागना पड़ा और कुछ समय के लिए बंधक भी बनाकर रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर मौजूद किसी भी होमगार्ड जवान ने नेम प्लेट नहीं पहन रखी थी। इसके अलावा घटना का वीडियो बना रहे लोगों से वीडियो डिलीट करवाने का भी आरोप लगाया गया।
मनीष शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार उनकी गर्भवती भांजी को कुछ दिन पहले प्रसव के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका दावा है कि सामान्य प्रसव संभव होने के बावजूद डॉक्टरों ने ऑपरेशन (सी-सेक्शन) किया। बाद में ऑपरेशन के टांकों में संक्रमण और सूजन होने पर मरीज को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती के दौरान डॉक्टरों ने मरीज की नियमित जांच नहीं की और परिजनों की शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया।
मनीष शर्मा के अनुसार शनिवार को जब वे वेटिंग हॉल में बैठे थे, तभी होमगार्ड जवानों ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा। विरोध करने पर धक्का-मुक्की की गई और लाठियों से मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भांजी के पति के साथ भी मारपीट की गई।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, डीएसपी दयानंद कुमार तथा एमजीएम थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से टूटी हुई लाठी जब्त कर ली है और घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और होमगार्ड विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
















