सीजीपीसी के चेयरमैन शैलेन्द्र सिंह और पूर्व प्रधान मुखे इंद्रजीत सिंह सग्गू के समर्थन में उतरे, लगाया बड़ा आरोप
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
राज + नीति = राजनीति। यह शब्द का जब नाम आये और जमशेदपुर की सिख राजनीति अछूति रहे। यह किसी के गले से भी उतरने वाली बात नहीं है। जी हां, सिख राजनीति एक बार फिर नए मोड़ में जाते हुए दिख रही है। हालिया कुछ घटनाक्रम की बात करें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि बहुत जल्द जमशेदपुर की सिख राजनीति में भूचाल आने वाला है। सरदार शैलेन्द्र सिंह का पिछले दिनों रांची एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना और भी बहुत से ऐसे कारण है, जिससे सिख समाज में चर्चाओं का बाजार गर्म होने लगा है। खैर, शुक्रवार को खड़गपुर के चंद्रकोणा गुरुद्वारा साहेब में जो नए बदलाव हुए, उसे लेकर भी जमशेदपुर में विरोध शुरू हो गया है। सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह और पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने इसे लेकर चंद्रकोणा के चार माह पहले प्रधान बनाये गए इंद्रजीत सिंह सग्गू का समर्थन किया है और उन्हें प्रधान बताते हुए शुक्रवार को वहां हुए घटनाक्रम की निंदा की है। (नीचे पढ़ें)

राखी पूर्णिमा के दिन चंद्रकोणा गुरुद्वारा साहिब में हंगामा करने की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जबरन गुरदीप सिंह दीपा को प्रधान बनाने की खबर झूठी : मुखे
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान एवं झारखंड सिख समन्वय समिति के संरक्षक गुरमुख सिंह मुखे ने बयान जारी कर कहा है की गुरुनानक देव जी महाराज जी के पवित्र स्थान गुरुद्वारा साहिब नानक सर चंद्रकोणा साहिब में 28 अगस्त को राखी पूर्णिमा के दिन धार्मिक समागम के दौरान अचानक तख़्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह के द्वारा कुछ सीधे साधे लोगों को बरगला कर और कुछ संगठित अपराध चलाने वाले एवं बबर खालसा आतंक वादी गुट से जुड़े सजायाफता को लेकर जबरन हंगामा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए जबरन चार माह पूर्व बने प्रधान इंद्रजीत सिंह सग्गू को हटाकर गुरदीप सिंह दीपा को प्रधान बनाने की नाकाम कोशिश की गई, जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की है।
उन्होंने कहा कि चंद्रकोणा साहिब के प्रधान इंद्रजीत सिंह सग्गू ने बताया की कोई प्रधान नहीं बनाया गया है। गुरदीप सिंह दीपा पहले से ही मीत प्रधान हैं। उन्हें नानक सर चंद्रकोणा गुरुद्वारा साहिब का देखरेख करने के लिए केयरटेकर नियुक्त किया गया है। मुखे ने कहा की खुद इंद्रजीत सिंह तख़्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के चुनाव को टाल मटोल कर आठ वर्षों से कुंडली मारकर बैठे हैं, जबकि उनका कार्यकाल जुलाई 2023 में ही पूरा हो चुका है। चुनाव नहीं होने का कारण भी इंद्रजीत सिंह ही हैं, क्योंकि की इंद्रजीत सिंह महासचिव हैं और महासचिव का कर्तव्य बनता है की वोटर लिस्ट तैयार कर बैठक बुला कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू करें।
परंतु चुनाव में उन्हें पता है कि क्या होगा। इसलिए वे डर से चुनाव टाल रहें हैं। जमशेदपुर में रह रहे पंजाब के आतंकवाद से जुड़े लोग पूर्व में मुख्यमंत्री पंजाब बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़े आतंकवादियों को हथियार उपलब्ध कराने, हथियार बरामदगी, दोषी सजायाफता को साथ लेकर जिस तरह जमशेदपुर में गुरुद्वारा कमेटियों में क़ब्ज़ा कर रहे हैं। उसी तरह बंगाल चंद्रकोणा नानक सर गुरुद्वारा साहिब में क़ब्ज़ा करना चाहते हैं। इसी की कड़ी में राखी पूर्णिमा के दिन नाकाम कोशिश की गई।

गुरमुख सिंह मुखे ने कहा कि जिन भाजपा विधायक और भाजपा ज़िलाध्यक्ष को साथ लेकर चुनाव की ख़बर दी है। जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा विधायक और नेताओं से मिलकर उन्हें बताएँगे की आतंकवाद से जुड़े व्यक्ति को आगे कर बंगाल में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है और इससे जुड़े सारे दस्तावेज़ भी भाजपा नेताओं को प्रमाण के रूप में देंगे और फिर भी भाजपा नेता उनके समर्थन में खड़े रहेंगे तो इसका मतलब यह होगा की भाजपा नेताओं का देशभक्ति महज़ दिखावा है। उन्होंने कहा की सभी से निवेदन है की वैसे देशद्रोहियों का मिलकर विरोध करें। इनलोगों के खिलाफ अवाज बुलंद करें। मुखे ने कहा कि आनेवाले दिनों में देश द्रोहियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
चंद्रकोना गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान इंद्रजीत सिंह सग्गू ही रहेंगे : शैलेन्द्र
इधर, सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने एक प्रेस रिलीज जारी की। उसमें इंद्रजीत सिंह सग्गू का हवाला देते हुए बताया गया कि श्री गुरु नानक देव जी के चरण छोह स्थान ऐतिहासिक चंद्रकोणा गुरुद्वारा के नए प्रधान बने गुरदीप सिंह दीपा शीर्षक से समाचार पत्रों में छपे समाचार का खड़गपुर खरीदा गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार इंद्रजीत सिंह सग्गू ने खंडन किया है और भ्रामक बताया है। कहा है कि चंद्रकोना गुरुद्वारा साहब का कोई नया प्रधान नहीं बनाया गया है। चंद्रकोना गुरुद्वारा साहब खड़गपुर खरीदा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नियंत्रण में और हमेशा रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खड़गपुर खरीदा गुरुद्वारा कमेटी में गुरदीप सिंह दीपा उपाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहे हैं।
उन्हें केवल चंद्रकोणा गुरुद्वारा की देखरेख करने का जिम्मा दिया गया है, लेकिन गुरुद्वारा साहब का अकाउंट एवं प्रबंध मैनेजमेंट गुरुद्वारा कमेटी खड़गपुर ही करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रखड़ पूनिया में गुरु महाराज का दर्शन करने के लिए पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह, सेंट्रल गुरुद्वारा जमशेदपुर के प्रधान भगवान सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला कई अन्य लोग अपने-अपने परिवार के साथ आए थे। उन्हें गुरु महाराज का आशीर्वाद के रूप में सरोपे भेंट किए गए हैं। उन्होंने भी कुछ सुझाव दिए हैं, जिस पर खड़गपुर गुरुद्वारा की संगत की जनरल बॉडी की मीटिंग में विचार करेंगे।
हालांकि, शुक्रवार को जो वीडियो वायरल हुए उसमें इंद्रजीत सिंह सग्गू को आप देख सकते हैं कि वे क्या बोल रहे हैं और गुरदीप सिंह दीपा को गले भी लगा रहे हैं। ऐसे में सिख राजनीति का क्या हाल हो सकता है यह कुछ बयां करने वाली बात शायद नहीं है?



































