फतेह लाइव, रिपोर्टर।
भारतीय मजदूर संघ (भामसं), जमशेदपुर विभाग के सदस्यों ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वीरांगना अमृता देवी विश्नोई और उनके साथ बलिदान देने वाले 363 नर-नारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय मजदूर संघ, झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष बलिराम यादव ने राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 28 अगस्त 1730 को जोधपुर के तत्कालीन राजा अभय सिंह ने अपने सैनिकों को खेजड़ी गांव में लकड़ियां काटने के लिए भेजा था। इसका वीरांगना अमृता देवी विश्नोई ने अपनी पुत्रियों एवं गांव की महिलाओं के साथ विरोध किया।
उन्होंने बताया कि जब राजा के सैनिक पेड़ों की कटाई से पीछे नहीं हटे, तब अमृता देवी और उनकी पुत्रियों ने पेड़ों को बचाने के लिए उनसे चिपककर अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके साहस और बलिदान से प्रेरित होकर गांव के 363 नर-नारियों ने भी पर्यावरण और पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
बलिराम यादव ने कहा कि जब इस घटना की जानकारी राजा अभय सिंह को मिली तो उन्होंने सैनिकों को पेड़ों की कटाई नहीं करने का आदेश दिया। वीरांगना अमृता देवी और उनके साथियों के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में भारतीय मजदूर संघ द्वारा उनके बलिदान दिवस को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर जमशेदपुर विभाग प्रमुख अभिमन्यु सिंह, पश्चिमी सिंहभूम के जिला मंत्री धनुर्जय लंगूरी, पूर्वी सिंहभूम के जिला संगठन मंत्री वीर बहादुर सिंह, जिला कार्यसमिति सदस्य संजय गोप, अर्जित दास, रमेश कुमार सिंह, सत्यानंद, सचिन कुमार पोद्दार, संजय अग्रवाल, वीरेन्द्र दास, कौशिक सेन सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।



































