राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन समेत कई मंत्री-विधायक देंगे अंतिम विदाई; झारखंड में दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित, देखें – Video
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
झारखंड की राजनीति के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन हो गया। उनके निधन के बाद पूरा झारखंड शोक में डूब गया है। राज्य सरकार ने दिवंगत मंत्री के सम्मान में 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और राजकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार आज दोपहर उसरी नदी स्थित हरसिंगरायडीह घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम विदाई में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल होंगे।

झामुमो गिरिडीह के जिला अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार में मंत्री संजय यादव, इरफान अंसारी, हफीजुल अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, सांसद नलिन सोरेन, टुंडी विधायक मथुरा महतो, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह सहित झारखंड के कई वरिष्ठ नेता पहुंचेंगे।

देर रात बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में ली अंतिम सांस
बताया जा रहा है कि देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी रही और डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार्डियक अरेस्ट को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है।

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे अहम विभाग थे। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और गिरिडीह की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
उनके आकस्मिक निधन से न केवल झारखंड सरकार और झामुमो परिवार, बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया है।
आज अंतिम विदाई में जुटेगा झारखंड का राजनीतिक नेतृत्व
सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के राजनीतिक गलियारों का बड़ा जमावड़ा गिरिडीह में होगा। राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विभिन्न दलों के विधायक उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
उसरी नदी के हरसिंगरायडीह घाट पर राजकीय सम्मान के साथ होने वाले अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गिरिडीह में सुबह से ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
झारखंड में दर्दनाक संयोग, साढ़े तीन साल में शिक्षा विभाग से जुड़े 3 मंत्रियों का निधन
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ झारखंड की राजनीति में एक बेहद दर्दनाक संयोग भी चर्चा में आ गया है। पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले तीन मंत्रियों का असमय निधन हो चुका है। पहले जगरनाथ महतो, फिर रामदास सोरेन और अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन ने झारखंड को झकझोर दिया है।
एक नजर में देखें, कब किस मंत्री ने किया संसार को अलविदा
– 6 अप्रैल 2023 : तत्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो का निधन।
– 15 अगस्त 2025 : शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री रामदास सोरेन का निधन।
– 6 सितंबर 2026 : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन।
तीनों नेताओं के पद पर रहते हुए असमय निधन को झारखंड की राजनीति और शिक्षा विभाग के इतिहास का एक बेहद दुखद संयोग माना जा रहा है।
फतेह लाइव की नजर में
सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक चले जाना झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। सक्रिय राजनीति, संगठनात्मक क्षमता और सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे सोनू के निधन से एक ऐसा राजनीतिक शून्य पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। आज गिरिडीह की उसरी नदी के तट पर जब उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी, तो पूरा झारखंड एक वरिष्ठ जननेता को नम आंखों से विदा करेगा।
डॉ सरफराज़ अहमद ने किया शोकाकुल ट्वीट




































