105 टीमों ने लिया हिस्सा, 45 टीमों का राष्ट्रीय स्तर के अगले चरण के लिए होगा चयन
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
बीआईटी सिंदरी के हैकाथॉन एंड कोडिंग क्लब (एचएनसीसी) ने इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी 9.0) के सहयोग से मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को Smart India Hackathon (SIH) 2026 के लिए आंतरिक हैकाथॉन का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने तकनीकी कौशल, नवाचार और समस्या-समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया।
आंतरिक हैकाथॉन में 105 टीमों के 648 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें 184 छात्राएं और 464 छात्र शामिल रहे। “स्वदेशी फॉर आत्मनिर्भर भारत” की केंद्रीय थीम के तहत प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों ने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से जुड़े विभिन्न वास्तविक जीवन की चुनौतियों पर आधारित समस्या विवरणों पर काम किया।
प्रतिभागियों ने नवीन तकनीकों और रचनात्मक सोच के जरिए समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। आयोजन ने बीआईटी सिंदरी में नवाचार, टीमवर्क और तकनीकी समस्या-समाधान की संस्कृति को भी प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. ख़ुश्तर अंसारी, प्रोफेसर-इन-चार्ज, हैकाथॉन एंड कोडिंग क्लब (एचएनसीसी) एवं एसपीओसी, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026, बीआईटी सिंदरी के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. एस.सी. दत्ता, डॉ. राहुल कुमार, विजय कुमार बेसरा, जितेंद्र कुमार, विकास कुमार सिंह, डॉ. मुकेश चंद्र, संजय पाल, डॉ. प्रवीण कुमार साहू, इज़हार हुसैन एवं डॉ. सुमित कुमार शर्मा सहित आयोजन टीम और मार्गदर्शकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में बीआईटी सिंदरी के निदेशक प्रो. पंकज राय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बी.डी. यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से प्रतिभागियों एवं आयोजन टीम का मनोबल बढ़ा।
45 टीमों का होगा अगले चरण के लिए चयन
आंतरिक हैकाथॉन के बाद 45 टीमों का चयन Smart India Hackathon 2026 के अगले चरण के लिए किया जाएगा। चयनित टीमें एसआईएच पोर्टल पर पंजीकरण के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में आगे भाग लेंगी। इसके अलावा 5 टीमों को प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा।
चयनित टीमें राष्ट्रीय मंच पर बीआईटी सिंदरी का प्रतिनिधित्व करते हुए देशभर के युवा नवप्रवर्तकों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी। आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत किया।




































