फतेह लाइव, रिपोर्टर
सांसद विद्युत वरण महतो ने 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत शहर के लीज एरिया में राशि के उपयोग को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। इस विषय में सांसद महतो ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला योजना चयन समिति को एक पत्र लिखकर अवगत कराया है एवं कहा है कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, द्वारा 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत NIT No-JNAC/epro-23/2023-24 के माध्यम से अनेक योजनाओं के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इनमें से मुख्य रूप से पेबर्स ब्लाॅक का अधिष्ठापन कार्य एवं शौचालय निर्माण का कार्य शामिल है।

सांसद महतो ने कहा कि ये सारे कार्य टाटा स्टील के लीज एरिया के अन्तर्गत आता है। इन क्षेत्रों का विकास एवं रख-रखाव स्वाभाविक रूप से टाटा स्टील के द्वारा किया जाता है। इन क्षेत्रों में उन योजनाओं की उपयोगिता नगण्य है।
शौचालय निर्माण के लिए जिन योजनाओं को लिया गया है। वहां पर बगैर समुचित पानी एवं जलनिकास की व्यवस्था नहीं होने से एवं साथ ही साथ इसके समुचित रख-रखाव की व्यवस्था नहीं होने पर कुछ ही दिनों में सारे शौचालय अनुपयोगी हो जाते हैं। पूर्व में भी इस प्रकार के योजनाओं का यही हश्र हुआ है।
सांसद ने कहा कि उपरोक्त योजनाओं का क्रियान्वयन से केन्द्र द्वारा सम्प्रेषित राशि का दुरूपयोग होगा। इसके बजाय लीज एरिया के बाहर बस्ती क्षेत्रों में केन्द्र द्वारा प्रदत्त धनराशि का उपयोग करना उचित होगा।
अतः जनहित में एवं सरकारी धनराशि का समुचित उपयोग करने की दृष्टि से उपरोक्त निविदा को अविलंब रद्द किया जाए।
इसके अतिरिक्त सांसद श्री महतो ने अमृत योजना के तहत सोनारी के कैलाश सरोवर तालाब के जीर्णोद्धार संबंधी कार्य को लेकर जारी किए गए निविदा पर भी आपत्ति जताई है। सांसद श्री महतो ने कहा है कि कुछ वर्ष पूर्व ही इस तालाब पर लगभग ₹50 लाख रुपए की लागत से कार्य किया गया था और अब पुनः लगभग 68 लाख रुपए के लिए इसी तालाब हेतु निविदा जारी की गई है।
सांसद श्री महतो ने कहा की पूर्व की योजना की समीक्षा होनी चाहिए और इस राशि का उपयोग शहर के निकाय क्षेत्र के अन्य हिस्सों अथवा तालाब में किया जाना चाहिए।



































